बरेली: पुलिस की लापरवाही से मुकदमे के निस्तारण में देरी, कोर्ट ने कप्तान को लिखा पत्र
हत्या के 42 वर्ष पुराने मुकदमे में दोष सिद्ध अभियुक्त वीरेंद्र उर्फ विजेंद्र को नहीं पकड़ पाई फतेहगंज पश्चिमी पुलिस
बरेली, अमृत विचार। हत्या के 42 साल पुराने मुकदमे में दोष सिद्ध दंडित अभियुक्त वीरेंद्र उर्फ विजेंद्र जमानत पर रिहा चल रहा था। दंडादेश के विरुद्ध दायर अपील हाईकोर्ट ने नामंजूर कर दी मगर पुलिस के गिरफ्तार न करने से मुल्जिम को जेल नहीं भेजा जा सका है। एडीजे प्रथम हरेंद्र बहादुर सिंह ने एसएसपी को पत्र भेजकर अभियुक्त को गिरफ्तार करके न्यायालय के समक्ष पेश किये जाने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने उल्लेखित किया कि पिछली आठ तिथियों से लगातार कप्तान को भी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा रहा है लेकिन दोष सिद्ध बंदी की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। पुलिस के मुल्जिम को गिरफ्तार न किये जाने के कारण उसे कारागार नहीं भेजा जा पा रहा है, जोकि अत्यंत अप्रिय स्थिति का होना प्रकट करता है। चूंकि प्रभारी निरीक्षक फतेहगंज पश्चिमी के द्वारा कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि वीरेंद्र सिंह उर्फ विजेंद्र के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू का तामिला सुनिश्चित कराते हुए मुल्जिम को गिरफ्तार करके हाजिर करें अन्यथा 31 अक्टूबर को कप्तान स्वयं या अपने वरिष्ठ अधिकारी के जरिए कोर्ट में हाजिर होकर स्थिति को स्पष्ट करेंगे। आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक बरेली को भी भेजी गयी है।
क्राइम ब्रांच के निरीक्षक के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी
एडीजे प्रथम की कोर्ट ने सुभाषनगर थाने में वर्ष 2006 में दर्ज गैर इरादतन हत्या के प्रयास मामले के गवाही न देने पर क्राइम ब्रांच के निरीक्षक के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है। वर्तमान में क्राइम ब्रांच निरीक्षक तपेश्वर सागर बागपत में तैनात है और गवाही के लिए कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं। इस कारण कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर 19 अक्टूबर को हाजिर किये जाने के लिए एसएसपी, बरेली को निर्देशित किया है।
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