Kanpur Farmer Suicide: फरार डॉ प्रियरंजन को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, बेटियां बोलीं, न्याय के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर में किसान आत्महत्या मामले में फरार डॉ प्रियरंजन को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत।

कानपुर में किसान आत्महत्या मामले में फरार डॉ प्रियरंजन को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। उधर, बेटियों का कहना है कि पापा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

कानपुर, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में 50 हजार के इनामी फरार इनामिया भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन दिवाकर को राहत देने से इनकार करते हुए उसके खिलाफ दर्ज रिपोर्ट को रद्द करने की मांग खारिज कर दी है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति अंजनि कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की खंडपीठ ने डॉ प्रियरंजन की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया। 

27 सितंबर को दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था, जिसे सोमवार को जारी किया गया। गौरतलब है कि 10 सितंबर 2023 को थाना चकेरी में बिटान देवी ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन अंशु दिवाकर और पांच अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने उनके पति बाबू सिंह यादव से षड्यंत्र रचकर लगभग साढ़े छह बीघा जमीन धोखे से लिखवा ली, जिसकी कीमत करीब सात करोड़ रुपये है। आरोपी ने बहुत कम कीमत पर सौदा तय किया और बहुत समय बीत जाने के बाद भी शिकायतकर्ता के पति को कोई धनराशि नहीं दी और पैसा मांगने पर उन्हें डराया तथा धमकाया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन सब से परेशान होकर आर्थिक दबाव के कारण उनके पति ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में कुल छह आरोपियों में से दो मधुर पांडेय और राहुल जैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जा चुका है। वहीं अन्य चार अभी भी फरार चल रहे हैं।

बेटियां बोलीं, न्याय के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे

चकेरी के किसान बाबू सिंह यादव की आत्महत्या के एक माह पूरे हो गए हैं। घटना में शामिल छह आरोपियों में दो को जेल भेजा जा चुका है। लेकिन अन्य आरोपी भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन अंशु दिवाकर समेत चार और अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने उन पर 50-50 हजार रुपये इनाम भी घोषित किया है। घटना के एक माह पूरे होने पर भावुक बेटियों ने मोमबत्ती जलाकर पिता को श्रद्धांजलि दी। उन लोगों ने कहा कि न्याय के लिए अंतिम सांस तक वह लोग लड़ेंगे।   

न्याय संघर्ष समित के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता व सपा नेता फतेहबहादुर के साथ किसान की पत्नी बिटान, बेटी रूबी और काजल ने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता से इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक माह बाद भी नामजद आरोपी भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन अंशु, बब्लू यादव, शिवम सिंह चौहान, जितेंद्र यादव को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। सत्ता के दबाव के आगे पुलिस बेबस है।

सरकार भाजपा नेता की इतनी मदद कर रही है, कि उसे अब तक यूपी बाल आयोग से नहीं हटाया गया। बेटियों ने पुलिस से मांग की कि फरार इनामी भाजपा नेता और उसके गैंग पर कुर्की और गैंगस्टर की कार्रवाई किया जाए। बेटियों ने कहा की पिता के लिए अंत तक लड़ेंगे। सपा नेता और न्याय संघर्ष समिति के संयोजक ने कहा की परिवार बेहद व्यतिथ है और हर कीमत पर न्याय चाहता है।

 

संबंधित समाचार