बरेली: खाद्य सुरक्षा... अफसरों ने दीमक से चटवा दीं हजारों पुस्तिकाएं
लाखों के बजट से छपवाई गई थीं लोगों को जागरूक करने के लिए
बरेली, अमृत विचार। खाद्य सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लाखों की सरकारी रकम से छपवाई गई हजारों पुस्तिकाओं को अफसरों ने बांटने की जरूरत नहीं समझी, विभागीय कार्यालय में रद्दी की तरह पड़ी इन पुस्तिकाओं को सीलन और दीमक ने बर्बाद कर दिया है। जहां-तहां पड़े सैंपल भी सवाल खड़ा कर रहे हैं कि उन्हें जांच के लिए भेजा क्यों नहीं गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग यानी एफएसडीए का कार्यालय कलेक्ट्रेट में है। कार्यालय के अंदर घुसते ही सड़ांध का भभका महसूस होता है। अंदर जगह-जगह सीलन और दीमक है। विभागीय टीमें बाजार से जो सैंपल भरती हैं, वे यहां इधर-उधर कूड़े की तरह पड़े हुए हैं। चार्ज लेने के बाद डीएम रविंद्र कुमार के पहले निरीक्षण के बाद विभागीय अधिकारियों ने यहां सफाई शुरू कराई तो पता चला लोगों को बांटने के लिए आईं पुस्तिकाएं भी सीलन और दीमक से बर्बाद हो चुकी हैं।
एफएसडीए के सहायक आयुक्त अपूर्व श्रीवास्तव की सफाई है कि कलेक्ट्रेट का एक कमरा सैंपल रखने के लिए विभाग को दिया गया था जिसे बाद में खाली करा लिया गया। यह भी कहा जा रहा है कि एफएसडीए का कार्यालय परसाखेड़ा बन रही लैब की इमारत में शिफ्ट होना है। लैब में अभी कई काम होने बाकी हैं। अफसरों की लापरवाही से कार्यालय शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
जो किताबें खराब हुई हैं, उन्हें हटाया गया है। जगह न होने के कारण सैंपल और दस्तावेज रखने में दिक्कत है। उम्मीद है कि नवंबर तक परसाखेड़ा स्थित लैब में कार्यालय शिफ्ट हो जाएगा, तभी कुछ राहत मिलेगी। - अपूर्व श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त एफएसडीए
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