कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एक बार फिर चर्चा में, पांच नाबालिग पर ही दर्ज की एफआईआर, पीड़ित पिता ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार

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कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एक बार फिर चर्चा में आई।

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एक बार फिर चर्चा में आई। यहां पुलिस ने तीन नाबालिग बेटियों और दो नाबालिग बेटों समेत परिवार के अन्य सदस्सों पर गलत एफआईआर दर्ज की।

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है। कल्याणपुर में 108 वर्षीय वृद्धा पर रंगदारी का मुकदमा हो या फिर रावतपुर में मृतक महिला और बच्चे पर दुष्कर्म का मामला, पुलिस ने उच्चाधिकारियों की जमकर फजीहत कराई थी।

पुलिस की इस लापरवाही को लोग अभी भूले ही नहीं थे, कि इस बार हरबंश मोहाल थाना पुलिस चर्चा में आ गई। जहां एक पिता ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर थाना पुलिस पर आरोपियों से मिलकर उनकी तीन नाबालिग बेटियों और दो नाबालिग बेटों समेत परिवार के अन्य सदस्सों पर गलत एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया। मामला मीडिया के पास आ जाने के कारण पुलिस अब बगले झांक रही है। जांच के आदेश दिए गए हैं।

हरबंश मोहाल थानाक्षेत्र निवासी पीड़ित ने गुरुवार को पुलिस कमिश्नर डॉ आर के स्वर्णकार को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह जन्म से ही परिवार के साथ इसी मकान में निवास करते चले आ रहे हैं। बताया कि इसी मकान के भूमिखंड मे धनंजय सिंह उर्फ लकी, रणजय सिंह उर्फ जैकी निवास करते हैं।

आरोप लगाया कि थाना पुलिस की सरपरस्ती में वह लोग खुलेआम गुंडागर्दी करते हैं। आरोप लगाया कि 13 अगस्त को दोनों भाईयों ने बेटियों से अश्लीलता और छेड़छाड़ की। उन्होंने विरोध किया तो वह नशे में गालीगलौज करने लगा। सीपी से आरोप लगाया कि उन्होंने थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिस पर वह उल्टा उनसे ही फोन पर अभद्रता करने लगे। 

पुलिस भेजिए वरना हत्या हो सकती है…

पीड़ित ने बताया कि पुलिस को इस घटना की जानकारी देकर तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए कहा, बताया नहीं तो हत्या हो सकती है। आरोप है कि इस दौरान देर से पहुंची पुलिस ने दोनों को पकड़कर थाने ले गई। जहां देर रात दोनों को थाने से छोड़ दिया गया। बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर 14 अगस्त को इस मामले में दोनों आरोपी पर धारा 294, 504, 506 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। 

रंजिश मानकर परिवार का उत्पीड़न शुरू हो गया

पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से कहा कि मामला दर्ज कराने के बाद थाना पुलिस और आरोपी व उसके रंजिश मानने लगे। इसके बाद उनके परिवार का उत्पीड़न कराने लगे। उनको बताया कि आरोपी ने 24 सितंबर को उन पर, उनकी पत्नी पर, 14 वर्षीय तीन नाबालिग बेटियों व 12 वर्षीय बेटे पर धारा 147, 148, 325, 504, 506, 447, 448 के तहत फर्जी एफआईआर दर्ज करा दी। आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें व उनके परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी। 

आरोपियों ने बेटी को बुरी नीयत से दबोचा

पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को बताया कि 4 अक्टूबर को उनकी एक बेटी जीने से नीचे उतरकर सामान लेने जा रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने बेटी तो जीने में बुरी नीयत से दबोच लिया। उन्होंने इस बात की शिकायत थाना पुलिस से की तो वह तीनों बेटियों को थाने पूछताछ करने के लिए ले गई। आरोप लगाया कि जहां पुत्रियों को हंसी का पात्र बनाते हुए महिला हेल्पडेस्क में वीडियो बनवाते हुए अपशब्द कहकर घर भेज दिया गया। 

दोनों पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज है। दोनों पक्ष आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है।- विनीत कुमार, एसओ, हरबंश मोहाल 

दोनों किरायेदार हैं। काफी समय से दोनों में विवाद चलता आ रहा है। दोनों ने एक दूसरे के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। एक पक्ष गुरुवार को पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचा था। जिसने अपने नाबालिग बच्चों पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही। दोनों पक्ष से मुकदमा उच्चाधिकारियों के आदेश पर दर्ज किया गया है। मामले में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की जाएगी।- निशंक शर्मा, एसीपी कलक्टरगंज

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