Kanpur: 20 जड़ी बूटियों से बनी दवा से ठीक होगी एलर्जी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बोले- शासन से अनुमति के बाद करेंगे इस्तेमाल
कानपुर में 20 जड़ी बूटियों से बनी दवा से एलर्जी ठीक होगी।
कानपुर में 20 जड़ी बूटियों से बनी दवा से एलर्जी ठीक होगी। मेडिकल कॉलेज के प्रो. यशवंत राव ने रूद्रपुर के वैद्य की दवा पर शोध किया।
कानपुर, अमृत विचार। मौसम में बदलाव, धूल व गंदगी आदि की वजह से लोगों को एलर्जी की समस्या हो जाती है, जो आगे चलकर अस्थमा व सीओपीडी में तब्दील होती है। यह समस्या जड़ से खत्म करने के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के प्रो. यशवंत राव ने छह माह शोध कर उसका तोड़ निकाला है।
शहर में प्रदूषण, बैक्टीरिया व संक्रमण की वजह से कई लोग बीमार हो रहे हैं, जिसमें एलर्जी की भी समस्या है। यह समस्या बच्चों व महिलाओं को अधिक हो रही है। सरकारी अस्पतालों में एलर्जी से ग्रस्त मरीजों को लिवोसिट्रिजीन व मोंटेलुकास्ट आदि दवा दी जाती है। यह दवा बीमारी की रोकथाम में सहायक तो होती है, लेकिन वह जड़ से खत्म नहीं होती।
इस संबंध में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि रूद्रपुर के वैद्य बी प्रकाश एलर्जी से संबंधित दवा देते हैं, उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के प्रो.यशवंत राव से संपर्क किया। प्रो. यशंवत ने सांइटिफिक रूप से लोगों पर दवा का प्रभाव कैसे होता है, इस संबंध में जुलाई 2022 से लेकर दिसंबर 2022 माह तक शोध किया, जिसमें चार वर्ष से लेकर 60 वर्ष के करीब 250 लोगों को शामिल किया, जिनको दो समूह में बांटा।
पहले समूह में 110 व दूसरे समूह में 113 लोग शामिल किए गए। जबकि बचे हुए मरीज में किडनी आदि की समस्या होने पर उनको अलग कर दिया गया था। एक समूह को 20 जड़ी बूटी से बनी दवा दी गई जबकि दूसरे को लिवोसिट्रिजीन व मोंटेलुकास्ट के मिश्रण की 28 दिन दवा दी गई। जड़ी बूटी से बनी दवा ने लोगों पर अधिक असर किया। यह शोध सेंट फ्रांसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में प्रकाशित हुआ।
नाक की झिल्ली होती प्रभावित
शोध में पता चला कि एलर्जी नाक की झिल्ली को अधिक प्रभावित करती है, जिस वजह से लोगों को जुकाम, खांसी, छींक, बुखार, आंसू आने आदि की समस्या होती है। प्राचार्य ने बताया कि 20 जड़ी बूटी से बनी दवा में लौह आयरन भी शामिल है। शासन से अनुमति मिलने पर इसका इस्तेमाल मरीजों पर किया जाएगा।
