किसी भी आपदा में महिलायें होती हैं सबसे अधिक प्रभावित: अनूप प्रधान
बाराबंकी। शहर के राजकमल हाल में आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय मंडलस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ राज्यमंत्री राजस्व विभाग अनूप प्रधान ने किया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला में सर्पदंश से बचाव के लिए एक जागरूकता पोस्टर का भी विमोचन किया गया।
राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने कहा कि आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए महिलाओं की भागीदारी तथा नेतृत्व को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। किसी भी आपदा के दौरान बच्चे, वृद्ध व अस्वस्थ व्यक्ति तथा महिलाएं सर्वाधिक संवेदनशील होते हैं। महिलाएं किसी भी आपदा में सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। महिलाओं को आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण देकर समुदाय के सर्वाधिक संवेदनशील समूह को जागरूक एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पूर्व प्रदेश के 38 जनपद बाढ़ आपदा से प्रभावित थे, जो आज वर्तमान में घटकर मात्र पांच जिले ही बाढ़ आपदा से प्रभावित शेष बचे हैं। वर्तमान सरकार इन जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों की फसल का जो नुकसान होता है। जांच कराकर मुआवजा भी देती है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के माध्यम से जो कुछ सिखाया और बताया जा रहा है उसको अपने जीवन में उतारें, तभी इस कार्यशाला का उद्देश्य पूरा होगा।
एडीएम अरूण कुमार ने कार्यक्रम का समापन किया। कार्यशाला में ले. जनरल आरपी शाही, ब्रिगे. पी के सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर अदिति उमराव, कनीज फातिमा, सीडीओ एकता सिंह, एसडीएम सदर विजय त्रिवेदी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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