बरेली: 83 रूपये से कम में लेना होगा ड्राइविंग का टेस्ट
बरेली, अमृत विचार। परसाखेड़ा में बने ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक (डीटीटी) को दोबारा से संचालित करने के लिए तेजी से कम चल रहा है। इसी संबंध में गुरुवार को अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) गंगाफल ने संभागीय परिवहन विभाग का दौरा किया। ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के निरीक्षण के बाद आरटीओ, समेत अन्य अधिकारियों के साथ उन्होंने …
बरेली, अमृत विचार। परसाखेड़ा में बने ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक (डीटीटी) को दोबारा से संचालित करने के लिए तेजी से कम चल रहा है। इसी संबंध में गुरुवार को अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) गंगाफल ने संभागीय परिवहन विभाग का दौरा किया। ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के निरीक्षण के बाद आरटीओ, समेत अन्य अधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक भी की। इसमें फैसला लिया गया कि जो एजेंसी एक टेस्ट लेने के 83 रुपये या उससे कम लेने के लिए तैयार होगी उसे ही टेंडर दिया जाएगा।
तीन वर्ष पहले परसाखेड़ा का ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनकर तैयार हो गया। इसको संचालित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरटीओ अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि एक लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग (एलएमवी) लाइसेंस बनवाने के लिए सरकारी फीस एक हजार रुपये तय है। इसमें अलग-अलग कैरेगिरी के हिसाब से लाइसेंस की फीस अलग है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद जो स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा उसके लिए सभी कैटेगिरी के लोगों से 400 रुपये लिए जाएंगे। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए जो भी एजेंसी टेस्ट लेगी उसे इसके लिए अधिकतम 83 रुपये दिए जाएंगे। ट्रैक को संचालित करने की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी को दी जाएगी। यह फैसला अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल के साथ हुई बैठक में लिया गया।
आरटीओ ने बताया कि फैसला कानपुर में बने ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक को संचालित करने वाली एजेंसी के आधार पर लिया गया है। वहां भी एक टेस्ट के महज 83 रुपये ही दिए जाते हैं। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त के साथ उप परिवहन आयुक्त पुष्पसेन सत्यार्थी, वित्त नियंत्रक परिवहन आयुक्त राजेंद्र सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
दलालों से कर्मचारियों में मची खलबली
गुरुवार सुबह अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल के आने की सूचना मिलते ही आरटीओ के बाहर खलबली मच गई। दलाल अपने आप को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। कई दलाल तो वहां से गायब ही हो गए।
