संभल: आयुष्मान कार्ड के बावजूद गरीब की बेटी का चंदे के पैसों से हो रहा इलाज

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Edited By Amrit Vichar
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किशोरी 12 दिन से बुखार से है पीड़ित, गांव में इलाज कराया ,पर नहीं हुआ लाभ, मुरादाबाद के निजी अस्पताल में कराया भर्ती तो रुपयों की समस्या आई सामने, प्रधान पति और ग्रामीणों ने मदद के लिए बढ़ाए कदम, जमा किए 30 हजार रुपए

इलाज के लिए जुटाई रकम का ब्यौरा दिखाता ग्रामीण।

भीष्म देवल/अमजद (संभल) अमृत विचार। नवरात्र में जहां लोग व्रत रखकर देवी की पूजा कर रहे हैं वहीं  जनपद के एक गांव में ग्रामीण नारी को देवी का रूप मानते हुए बीमारी से जूझ रही गरीब घर की किशोरी की जान बचाने के लिए एकजुट हुए हैं। गंभीर हालत में  15 वर्षीय किशोरी को इलाज के लिए बड़े अस्पताल में भर्ती कराकर बिल भरने के लिए ग्रामीणों ने चंदा कर रकम इकटठा की है। बड़ी बात यह है कि किशोरी का आयुष्मान कार्ड भी बना हुआ है लेकिन अस्पताल में पैसा लेकर ही इलाज किया जा रहा है।

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गांव मतावली पट्टी जग्गू के निवासी रोहताश सैनी की मौत के बाद मां सरस्वती मेहनत मजदूरी कर 15 साल की बेटी गुंजन व अन्य बच्चों की परवरिश कर रही है। बेटी गुंजन सैनी को 12 दिन पहले बुखार आया तो सरस्वती ने आसपास के निजी चिकित्सकों से बेटी का इलाज कराया। लेकिन बेटी की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ती चली गई। गांव के चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए और किशोरी की जान बचाने के लिए बड़े अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है । सरस्वती बेटी का बडे़ अस्पताल में इलाज कराने को लेकर परेशान होने लगी। इस हालात में बेटी की जान बचाने के लिए गांव के लोग आगे आये हैं।

ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर किशोरी को अस्पताल में कराया भर्ती
संभल। गांव के लोगों ने सरस्वती की हिम्मत बढ़ाते हुए बेटी के इलाज में मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद मां ने बेटी गुंजन को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखकर आईसीयू में भर्ती कर लिया,लेकिन इलाज कराने में रुपयों की समस्या सामने आ गई। हालांकि गुंजन का आयुष्मान कार्ड भी है । रुपयों की कमी की बात पता चलने पर न सिर्फ प्रधानपति लेखराज सिंह बल्कि दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने हैसियत के अनुसार मदद की और करीब 30 हजार रुपये इकट्ठा हो गए। यह मदद से किशोरी का इलाज हो रहा है।
        
चंदे की रकम से हो रहा इलाज
संभल। गुंजन के चाचा टीकाराम के अनुसार, गरीबी के कारण भाभी सरस्वती पर बेटी का इलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे। जिसकी जानकारी होने पर पड़ोसियों और ग्रामीणों ने मदद की है। बहरहाल, गरीब बेटी का इलाज कराने के लिए चंदा होने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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