बरेली: संदिग्ध डेंगू से दो की मौत, मरीजों का आंकड़ा 497

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Edited By Amrit Vichar
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महीने भर में 16 से ज्यादा लोग डेंगू जैसे लक्षणों से गंवा चुके हैं जान, पूरे जिले में मचा हुआ है हाहाकार

बरेली, अमृत विचार। डेंगू जैसे बुखार से पूरे जिले में लोग जूझ रहे हैं, महीने भर में ही 14 से ज्यादा लोग जान भी गंवा चुके हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू से मरने वालों की संख्या अब तक शून्य है। बृहस्पतिवार को दो और लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक भोजीपुरा के गांव चकदाह भगवतीपुर के पूर्व प्रधान और दूसरा बिथरी चैनपुर के गांव नवदिया हरिकिशन के पूर्व प्रधान का 35 वर्षीय बेटा था। दोनों गांवों में बुखार के मरीजों की भरमार है। कई और लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

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बिथरी चैनपुर के गांव नवदिया हरिकिशन के पूर्व प्रधान के बेटे को कई दिन से बुखार था। परिवार के लोगों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां उसका डेंगू का इलाज किया जा रहा था। बुधवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।

भोजीपुरा के गांव चकदाह भगवतीपुर में तमाम लोग बुखार की चपेट में हैं। बृहस्पतिवार को यहां पूर्व प्रधान की मौत हो गई। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सतीश चौधरी के मुताबिक चकदाह भगवतीपुर में तीन बार शिविर लगाया जा चुका है। शुक्रवार को फिर शिविर लगाया जाएगा।

जिले में बुखार से लगातार मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग में डेंगू के नाम पर एक भी मौत दर्ज नहीं है। दरअसल जिन लोगों की जान गई है, उनमें से एक का भी एलाइजा टेस्ट नहीं हुआ था। लेकिन प्लेटलेट्स गिरने की शिकायत सभी में थी। जिला अस्पताल में एकमात्र मशीन पर एक दिन में बमुश्किल 20-25 एलाइजा टेस्ट हो पा रहे हैं, लिहाजा लोगों में डेंगू की पुष्टि भी नहीं हो पा रही है।

डेंगू वार्ड तो बना दिया मगर नहीं हो पा रहा है डॉक्टर और स्टाफ का इंतजाम
जिला अस्पताल में 41 बेड के तीन डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। इसके बावजूद बेड कम पड़ने की वजह से चार दिन पहले तीन सौ बेड अस्पताल में भी 50 बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया था लेकिन न इस वार्ड के लिए स्टाफ का बंदोबस्त हो पाया है, न ही अब तक यहां एक भी मरीज भर्ती हुआ है।

बृहस्पतिवार को एडी हेल्थ डॉ. पुष्पा पंत ने जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड के निरीक्षण के बाद एडीएसआईसी और सीएमओ के साथ बैठक कर डेंगू वार्ड में जल्द स्टाफ तैनात करने का निर्देश दिया लेकिन सीएमओ ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। हालांकि बाद में सीएमओ ने जिला महिला अस्पताल के सीएमएस से डेंगू वार्ड के लिए नर्सिंग स्टाफ की मांग की है।

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