बांदा: मां की साधना में लीन किन्नर ने सीने में बोए जवारे, दर्शन को उमड़ रही भीड़...

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Edited By Amrit Vichar
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नरैनी (बांदा)। पूरे प्रदेश में शारदीय नवरात्र की धूम मची हुई है। जगह-जगह मां दुर्गा के पंडाल सजाए गए हैं। जिनमें शाम होते ही रौनक हो जाती है। कोई हाथ पर कपूर रखकर मां की आरती करता है, तो कोई दंडवत परिक्रमा कर मन्नत मांगता है। माता का एक भक्त ऐसा भी है, जो 9 दिन तक न हिलता-डुलता है और न शौच-स्नान करता है। मां की साधना में लीन किन्नर ने अपने सीने में जवारे बोकर पूरे नौ दिन का व्रत रहे है। 

मां भगवती के उपासना पर्व पर भक्त अपनी श्रद्धानुसार भेंट चढ़ाते हैं। भक्त एक से बढ़कर एक श्रद्धा भक्ति के तरीके देखने को मिलते हैं। ऐसी ही श्रद्धा देखने को मिली, नरैनी कस्बे के देविन नगर निवासी शर्मीली किन्नर ने अन्न त्याग कर अपने सीने पर जवारे बो लिए। किन्नर को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्ति में शक्ति होती है, जो आज सामने दिख रही है। किन्नर की अनूठी तपस्या को देखने के लिए ग्रामीण और क्षेत्रवासी भारी संख्या पर पहुंच रहे हैं।

आस्था में सराबोर किन्नर ने नवरात्रि के 2 दिन पूर्व से ही अन्न का त्याग दिया था। अपने शरीर को शुद्ध कर वह अपने शरीर पर जवारे बोने के लिए तैयार था। नवरात्र प्रारंभ होते ही अपने शरीर पर जवारे बोआ दिया और उस दिन से लगातार लेटा हुआ है और दोनों समय जवारे सींचे जा रहे हैं। किन्नर का का कहना है कि देश, प्रदेश और क्षेत्र के कल्याण के लिए यह व्रत किया जा रहा है। दशहरे को उनका व्रत पूर्ण होगा। पिछले कई वर्षो से सीने में जवारा उगाते आ रहे है। नवरात्र के नौंवंज दिन किन्नर ने खत्री पहाड़ (शेरपुर) स्थित विंध्यवासिनी मंदिर में सीने में बोए जवारे समर्पित किए।

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