बरेली: एक एकड़ व्यावसायिक जमीन पर निवेशक लगा सकेंगे बायो डीजल पंप
शासन ने पत्र भेज बायो डीजल की फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने का दिया आदेश
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अनुपम सिंह, बरेली। बिना मिलावट बायो डीजल की खुदरा बिक्री की अनुमति शासन से मिलने के बाद मंडल के बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में पंप लगाने के लिए इच्छुक निवेशकों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। निवेशक एक एकड़ व्यावसायिक जमीन पर बायो डीजल पंप लगा सकेंगे। इसका नोडल यूपीनेडा को बनाया गया है। लाइसेंस जारी करने का आदेश आने के बाद यूपीनेडा से निवेशकों ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द आवेदन मिलने शुरू हो जाएंगे।
विदेशों से ईंधन की आपूर्ति की जाती है, लेकिन सरकार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस दिशा में काम कर रही है। सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर प्लांट लगाकर बायो डीजल तैयार किया जाए, इससे लोगों को रोजगार मिलने के साथ उन्हें मिलावटी डीजल के उपयोग से भी छुटकारा मिल सकेगा।
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2019 में बायो डीजल की बिक्री की अनुमति देकर सभी को इसकी खरीदारी और बिक्री करने का अधिकार दे दिया था। इसकी खुदरा बिक्री की अनुमति देने का अधिकार राज्यों के खाद्य एवं रसद विभाग को सौंपा गया था।
इसको लेकर लंबे समय से डीजल बिक्री की तरह बायो डीजल बेचने का लाइसेंस देने, सैंपल लेने, जांच करने और कार्रवाई करने का कानून बनाने पर मंथन चल रहा था, जिसे हाल में ही सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। एक सप्ताह पहले अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग लखनऊ का पत्र बरेली पहुंचा है, जिसमें इच्छुक निवेशकों को लाइसेंस देने की बात कही गई है।
पांच-छह रुपये सस्ता होगा बायो डीजल
विदेशों से निर्यात होने वाले डीजल की अपेक्षा बायो डीजल पांच से छह रुपये सस्ता होगा। इससे लोगों को फायदा होगा। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के लोगों को, जो खेती पर निर्भर हैं। इन किसानों के लिए बायाे डीजल काफी राहत पहुंचाने वाला होगा। जानकारों के अनुसार प्रदेश में पांच स्थानों पर बायो डीजल के प्लांट भी लग चुके हैं। अभी बरेली में बाहर से ही आपूर्ति की जाएगी। इच्छुक लोग बायो डीजल का प्लांट भी लगा सकते हैं।
जेट्रोफा के पौधे से तैयार होता बायाे डीजल
बायो डीजल जेट्रोफा के पौधे से तैयार किया जाता है। जानकारों के अनुसार, प्लांट और पंप लगने के बाद इस तेल की पैदावार के लिए लोग जेट्रोफा की खेती के प्रति भी रुचि लेंगे, इससे उनकी अच्छी पैदावार होने की संभावनाएं हैं। खास बात है कि जेट्रोफा की खेती कहीं भी की जा सकती है। यह पौधा बंजर जमीन पर भी उग आता है।
बायो डीजल की खुदरा बिक्री के लाइसेंस जारी करने के लिए बांट माप, पर्यावरण विभाग की एनओसी लेकर ऑनलाइन आवेदन करना है। बायो डीजल के उत्पादन और खुदरा बिक्री के लाइसेंस के लिए संस्तुति डीएम करेंगे। प्लांट का लाइसेंस अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्रालय से होगा। इच्छुक लोग आवेदन कर सकते हैं। बरेली, पीलीभीत समेत मंडल के अन्य जिलों के लोगों ने संपर्क किया है। वह पंप लगाने को इच्छुक हैं। मैनुअल बिक्री नहीं होगी। बरेली में कई जगहों से शिकायतें मिली हैं। जांच कराई जा रही है---अतुल कुमार श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी यूपीनेडा।
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