बरेली: ब्लॉक की 112 सदस्यीय कमेटी में से 82 सदस्यों ने डीएम को सौंपा अविश्वास प्रस्ताव का पत्र, भाजपा में गरमाई राजनीति

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गंभीर आरोप लगाकर वित्तीय-प्रशासनिक अधिकारों पर फौरन रोक लगाने का आग्रह

बरेली: अमृत विचार। बिथरी चैनपुर में भाजपा की ब्लॉक प्रमुख ब्रजेश कुमारी के खिलाफ पार्टी में ही बगावत की मुहिम अब उनके तख्तापलट तक पहुंच गई है। बुधवार को ब्लॉक की क्षेत्र पंचायत समिति के 112 में से 82 सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पर ब्रजेश कुमारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने के बाद अविश्वास प्रस्ताव का पत्र डीएम रविंद्र कुमार को सौंपा तो भाजपा में एकाएक राजनीति गरमा गई। इस पत्र में ब्लॉक प्रमुख पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर भी फौरन रोक लगाने की मांग की गई है।

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पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं बीडीसी सदस्य बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे सभी 82 सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे और ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने के बाद जनता दर्शन में सुनवाई कर रहे डीएम रविंद्र कुमार को ब्लॉक प्रमुख ब्रजेश कुमारी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंपा।

तीन पेज के अविश्वास प्रस्ताव पत्र के बिंदु नौ में बृजेंद्र सिंह, दुर्विजय सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, विजेंद्र सिंह, मिथलेश, राजरानी, अमित कुमार, ऐवरन कुमार, सुनील कुमार, गायत्री देवी आदि की ओर से उल्लेख है कि प्रमुख ब्रजेश कुमारी में अब सदस्यों का विश्वास नहीं रह गया है। इस कारण उन्हें पद से हटाना औचित्यपूर्ण है।

पत्र में ब्लॉक प्रमुख के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर फौरन रोक लगाने और क्षेत्र पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की मांग की गई है। डीएम ने हाथ के हाथ अविश्वास प्रस्ताव पर जिला पंचायत राज अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को जांच और कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया।

तीन महीने से चल रही थी खींचतान, पार्टी के वरिष्ठ नेता भी नहीं सुलझा सके विवाद
बिथरी चैनपुर की ब्लॉक प्रमुख ब्रजेश कुमारी भाजपा की हैं लेकिन भाजपा के लोगों ने उनकी कुर्सी हिला दी। 112 में से 82 सदस्यों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव दिए जाने के बाद भाजपा में हलचल तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि तीन महीने से यह प्रकरण बरेली से लखनऊ तक भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की जानकारी में है।

सांसद संतोष गंगवार, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा समेत संगठन के कई और वरिष्ठ नेता इस विवाद को निपटाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनकी दखलंदाजी का कोई नतीजा नहीं निकला। वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों की अनदेखी कर कर पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं बीडीसी सदस्य बृजेंद्र सिंह और दुर्विजय सिंह 80 और सदस्यों को साथ लाकर ब्लॉक प्रमुख ब्रजेश के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव दे दिया।

... इसलिए अविश्वास प्रस्ताव
- क्षेत्र पंचायत की आम सभा/बैठक अंतिम बार 25 फरवरी को हुई थी, इसके बाद एक अप्रैल से अब तक कोई बैठक नहीं की गई।
- 2022-23 की कार्ययोजना में स्वीकृत कार्यों के लिए टेंडर वित्तीय वर्ष 2022-23 में जारी नहीं किए गए, अवैध तरीके से अगस्त में जारी किए।
- नवदिया, सिंघाई मुराबान, उमरिया में सीसी रोड समेत कई काम चहेतों को दिए गए हैं।
- सौंदर्यीकरण के नाम पर निकाली गई धनराशि से काम नहीं कराया गया।
- राज्य वित्त में क्षेत्र पंचायत बिथरी चैनपुर को प्राप्त धनराशि का शासनादेश के अनुसार उपयोग नहीं किया।
- धनराशि का भुगतान क्षेत्र पंचायत सदस्यों की गठित समिति से न कराने का आराेप।
- अवैधानिक और मनमाना रवैया अपनाने के साथ पद और अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप।

सभी 82 सदस्यों ने दिए हलफनामे
बिथरी चैनपुर ब्लॉक के 112 बीडीसी सदस्य हैं। इनमें से 82 सदस्यों की ओर से भाजपा की ब्लॉक प्रमुख ब्रजेश कुमारी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इन सभी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पत्र के साथ शपथपत्र डीएम को सौंपे हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख व बीडीसी सदस्य वार्ड-तीन बृजेंद्र सिंह और वार्ड-28 दुर्विजय सिंह के नेतृत्व में बीडीसी सदस्यों ने 90 पेजों की फाइल भी डीएम के सुपुर्द की है जिसमें तीन पेज का अविश्वास प्रस्ताव पत्र शामिल है। प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास का नोटिस भी है।

क्या कहते हैं ब्लॉक प्रमुख के पति
ब्लॉक प्रमुख के पति भाजपा नेता हरेंद्र पटेल का कहना है कि मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं, जिले से लेकर प्रदेश तक पार्टी संगठन मेरे साथ है, नेतृत्व जो फैसला करेगा मुझे स्वीकार है।आगे पार्टी के जो दिशा निर्देश होंगे, उस पर काम करेंगे। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रस्ताव पेश किया गया है।

क्या कहते हैं भाजपा के जिलाध्यक्ष
भाजपा के आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह का कहना है कि पार्टी का रुख स्पष्ट है कि किसी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाना है, इसके बाद भी जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वह पार्टी के खिलाफ जा रहे हैं, इन लोगों पर पार्टी विचार करेगी।

पहले शपथपत्राें की जांच कराएगा प्रशासन
डीपीरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सदस्यों के शपथपत्राें की जांच कराई जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव पर एक महीने के अंदर प्रक्रिया पूरी की जानी है। 15 दिन में सभी सदस्यों को नोटिस देकर बैठक के लिए बुलाया जाएगा। डीएम की ओर से नामित अधिकारी की अध्यक्षता में इस बैठक में पक्ष और विपक्ष के मतों के हिसाब से प्रस्ताव पारित किया जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी होता है।

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