लखीमपुर खीरी: खमरिया में जलभराव बना बड़ी समस्या
लखीमपुर खीरी। गांजर की राजधानी कही जाने वाली खमरिया पंडित नेताओं की वादा खिलाफी के कारण कई वर्षों से बदहाल है।चुनावों के दौरान खमरिया में विकास की गंगा बहाने का दावा करने वाले नेताओं ने भले ही कहीं विकास किया हो, लेकिन कस्बे की सड़कों पर गंगा जरूर बहा दी है। पूरे कस्बे के मुख्य …
लखीमपुर खीरी। गांजर की राजधानी कही जाने वाली खमरिया पंडित नेताओं की वादा खिलाफी के कारण कई वर्षों से बदहाल है।चुनावों के दौरान खमरिया में विकास की गंगा बहाने का दावा करने वाले नेताओं ने भले ही कहीं विकास किया हो, लेकिन कस्बे की सड़कों पर गंगा जरूर बहा दी है। पूरे कस्बे के मुख्य मार्गों पर भरा पानी नेताओं के तमाम जुमलों की झूठी कहानी बयां कर रहा है।परेशान ग्रामीण तहसील दिवस से लेकर चक्का जाम धरना प्रदर्शन भी कर चुके है,लेकिन इस गंभीर समस्या का निदान होता नजर नहीं आ रहा है।
शनिवार को कस्बे के मेन चौराहे पर भरे दुर्गन्ध युक्त पानी मे एक राहगीर गिरकर बुरी तरह से चोटिल हो गया। सड़क पर गड्ढा होने के कारण आये दिन राहगीर घायल हो रहे है। यहां तक कि इसी दुर्गन्ध युक्त पानी मे एक नवजात की गिरकर मौत भी हो चुकी है। लेकिन जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन तक ग्रामीणों की सुनने को तैयार नही हैं। चौराहे के जल भराव को लेकर ग्रामीण सांसद, विधायक, प्रधान सभी के चक्कर काट रहे हैं लेकिन मुख्य सड़क पर बहने वाली नदी का निराकरण नहीं हो सका है।
बरसात के समय ग्रामीण गांव में ही कैद होकर रह जाते हैं। ग्रामीणों ने सड़क पर भरे पानी व गंदगी दूर होने की उम्मीद ही छोड़ दी है। फिर भी परेशान गांव वालों ने उपजिलाधिकारी, सांसद से सड़क के किनारे अतिक्रमण को हटवाने के साथ साथ बह रही नदी से निजात दिलवाने की मांग की। चक्का जाम करके धरना प्रदर्शन भी किया। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों ने इस ओर देखना मुनासिब नहीं समझा।
उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष आने वाले चुनावों में राजनीति की शुरुआत कस्बे के कीचड़ से शुरू होती है।अभी पिछले विधायकी व सांसदी के चुनाव में खमरिया का जलभराव अहम मुद्दा रहा लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद खमरियावासियों को सिर्फ नेताओं की वादाखिलाफी ही हाथ लगी है। फिलहाल खमरिया वासी नरक की जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
