सुन नहीं रहे थे अखिलेश इसलिए पार्टी से दिया इस्तीफा: रवि वर्मा
बोले- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर रहे संपर्क, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद लेंगे निर्णय
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। सपा से दो बार सांसद और एक बार राज्य सभा सांसद रहे रवि प्रकाश वर्मा के पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद सपा में हलचल मची हुई है। पूर्व सांसद रवि प्रकाश वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष उनकी बातो को सुन नहीं रहे थे। इससे वह अपने आपको अपमानित और असहज महसूस कर रहे थे। इसलिए पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने कहा कि सपा में कुछ वर्षों से परिस्थितियां बदल रहीं थीं। मुलायम सिंह यादव ने पार्टी को व्यवस्था परिवर्तन और इंसाफ की लडाई लड़ने के लिए पार्टी को गति दी थी। पिछले कई सालों से मुझे लगा कि हर स्तर पर पार्टी का रास्ता पतला हो रहा है। आज की तारीख में हर स्तर पर नइंसाफी और जुल्म बढ़ रहा है।
जनता की ताकत बनने की बजाय जो जिम्मेदार लोग हैं वह भ्रष्ट अधिकारियों से मिलीभगत कर बैठ गए हैं। मैने कई बार जगाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि मै बहुत ही सीनियर रहा हूं। सपा में करीब 25 साल हो गए हैं। साइकिल को गांव गांव हर घर तक पहुंचाया है, लेकिन पार्टी की आज हो रही दुर्दर्शा को राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताने की की कोशिश की, लेकिन किन्हीं परिस्थितियों के कारण वह संज्ञान नहीं ले सके।
अब हमारे सामने अपमानजनक परिस्थितियां बन गई थीं। इन हालात में मुझे बेहतर लगा कि छुट्टी ले लू और अपना काम करूं। इसलिए पहले ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे चुका हूं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से पुराना लगाव रहा है। कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता उनसे संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। अपने साथियों के साथ बैठक कर विचार विमर्श करेंगे। तभी कोई निर्णय लेंगे।
बता दें रवि प्रकाश वर्मा की माता ऊषा वर्मा कांग्रेस से सांसद और पिता बाल गोविंद वर्मा केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। वह स्वयं खीरी लोकसभा से सांसद और अंतिम बार राज्यसभा सांसद रहे। सपा ने वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उनकी बेटी पूर्वी वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा था।
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