लखीमपुर-खीरी: लोन दिलाने का झांसा देकर खुलवाया खाता, ठगी कर निकाल लिए 2.90 करोड़

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Edited By Amrit Vichar
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एक युवक ने ग्रामीण का आईसीआईसीआई बैंक शाखा में खुलवाया था खाता 

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिले में फर्जी तरीके से खाते खुलवाकर करोड़ों रुपए आने के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। बैंक प्रबंधन जहां कोई जानकारी देने से बचता है। वहीं प्रशासन भी इसको लेकर कोई संजीदगी नहीं दिखाता। ऐसा ही एक मामला शहर के मोहल्ला थरवरनगंज स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा का सामने आया है।

फर्जी ढंग से खोले गए इस खाते में 2,99, 82, 943.15 आ गए, जिसमे से 2,90, 13,716.95 निकल भी गए। यह रुपए कहां से आए और कौन निकाल ले गया। खाता धारक को पता ही नहीं। सदर कोतवाली पुलिस ने खाता धारक की तहरीर पर एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 

थाना फरधान के गांव अमकोटवा निवासी अजय कुमार पुत्र कौशल किशोर ने बताया कि करीब दो महीने पहले इसी थाना क्षेत्र के गांव बम्हनपुर कोरारा निवासी अवनीश पटेल पुत्र मैकू ने ऋण निकलवाने का आश्वासन दिया और उससे आधार कार्ड, फोटो, पैन कार्ड आदि ले लिए। बाद में उसका खाता लखीमपुर शहर के मोहल्ला थरवरनगंज स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा में खुलवाया और कहा कि कहा कि 10 से 12 दिन में ऋण का रुपया खाते में आ जाने का आश्वासन दिया और कहा कि अपना कमीशन निकालकर खाता, चेक बुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड व एटीएम वापस कर दूंगा, लेकिन आरोपी ने कोई कागजात और एटीएम नहीं वापस लौटाया।

उसने बताया कि कुछ दिन बाद  आईसीआईसीआई बैंक शाखा थरवरनगंज के प्रबन्धक की कॉल उसके मोबाइल पर आई। शाखा प्रबंधक ने उसे बताया कि तुम्हारे खाते में 10 करोड़ रूपये आया है और यह खाता अब लाक कर दिया जायेगा, लेकिन प्रबन्धक ने खाते को बंद नहीं किया। अगले 16 अक्तूबर 2023 सुबह करीब 10.00 बजे जब वह बैंक पहुंचा और खाते में आए हुए रुपए के बारे में शाखा प्रबंधक ने कहा कि 10 करोड़ नही 10 लाख रूपये आया है।

उसने शाखा प्रबंधक से कहा कि यह रुपए गलत तरीके से आए हैं और उसका खाता सीज कर दिया जाय। उसने एक लिखित प्रार्थना पत्र भी खाता सील कराने के लिये दिया गया। जिसके बाद बैंक मैनेजर ने उसे बताया कि तुम्हारे खाते में 2,99, 82, 943.15 रूपये आया है, जिसमें से 2,90, 13,716.95 रूपये निकल गया है।

खाते में जो मोबाइल नंबर पड़ा था। उसकी जगह एसएमएस अलर्ट पर दूसरा मोबाइल नम्बर लगा हुआ पाया गया। उसने बताया कि अब उसके खाते में 9,69,257.20 रूपये शेष बचा है। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है, जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। बता दें कि जिले में कई बैंक शाखाओं में फर्जी खाते खुलने और उनमें लाखों रुपए आने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

जिला सहकारी बैंक और एसबीआई में फर्जी खाते खोले जाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। तिकुनियां स्थित जिला सहकारी बैंक शाखा में करीब 250 खाते खोले गए थे। जिनमें लाखों रुपए धान और गेहूं खरीद केंद्रों से आए थे, लेकिन खाता धारकों को खाते खुलने और रुपए आने की जानकारी तक नहीं थी।

जालसाजों ने फर्जी खाता खुलवाकर उसमे आए लाखों रुपए भी निकाल लिए थे। खाता धारकों को तब इसकी जानकारी हुई थी जब उनके राशन कार्ड निरस्त हो गए थे। इस मामले में निघासन और कोतवाली तिकुनिया में रिपोर्ट भी दर्ज हुई। इसी तरह मैलानी की एक एसबीआई बैंक शाखा का भी मामला सामने आया था।

करीब एक महीने पहले जिला सहकारी बैंक की मुख्य शाखा में थाना सिंगाही के गांव सिंगहा खुर्द निवासी एक युवती का फर्जी तरीके से खाता खोलकर उसमें आए दो लाख रुपए निकाल लिए गए थे। इस मामले में भी सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है।

खासबात यह है कि इन मामलों में पुलिस नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज देती है। पुलिस इसमें कोन लोग शामिल हैं। किसकी शह पर काला कारोबार चल रहा है। रुपए किस मद से और कैसे खाते में पहुंचे। इन रुपयों को किसने निकाला। इसकी जानकारी कर कारवाई नहीं करती है। शायद यही वजह है कि फर्जी खाते खुलवाकर घोलमाल की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

पीड़ित की तहरीर पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। खाते में यह धनराशि किसने कैसे भेजी। इसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ सख्त कारवाई होगी---चंद्रशेखर सिंह प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर।

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