लखनऊ: शहर में अवैध बसों, ऑटो-टेम्पो का संचालन, प्रशासन नहीं करता कार्रवाई
लखनऊ, अमृत विचार। शहर के भीतर दूसरे जनपदों की बसें, ऑटो और टेम्पों का संचालन हो रहा है। प्राइवेट डग्गमार बसें भी कई जगहों से चलाई जा रही हैं, इनमें वॉल्वों बसें तक शामिल हैं, लेकिन ना तो पुलिस इस ओर ध्यान दे रही है, ना ही आरटीओ का प्रवर्तन टीम इनके खिलाफ एक्शन ले …
लखनऊ, अमृत विचार। शहर के भीतर दूसरे जनपदों की बसें, ऑटो और टेम्पों का संचालन हो रहा है। प्राइवेट डग्गमार बसें भी कई जगहों से चलाई जा रही हैं, इनमें वॉल्वों बसें तक शामिल हैं, लेकिन ना तो पुलिस इस ओर ध्यान दे रही है, ना ही आरटीओ का प्रवर्तन टीम इनके खिलाफ एक्शन ले रहा है। इसका नुकसान जहां यात्रियों को उठाना पड़ रहा है वहीं रोडवेज के साथ ही शहर में ऑटो संचालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस मामले को लेकर लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर संघ ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है और इनका संचालन बंद किए जाने की मांग की है।
राजधानी में कई स्थानों से हो रहा है संचालन
लखनऊ महानगर में गैर जनपद की यूपी 27, 33, 34, 35, 41 और 80 आदि सीरीज से शुरू सैकड़ों टेम्पो, ऑटो समेत प्राइवेट डग्गामार वॉल्वो बसों का अवैध संचालन बेखौफ होकर नियमों को धता बताकर किया जा रहा है। अवध नहर चौराहा आलमबाग इसका सबसे बड़ा केंद्र हैं। इसके अतिरिक्त चारबाग से कैसरबाग, हनीमेन चौराहा गोमतीनगर से चिनहट तिराहा, निशातगंज पुल के नीचे से मुंशीपुलिया, मड़ियांव से पॉलीटेक्निक, तेलीबाग चौराहा से नहर चौराहा आलमबाग, तालकटोरा रोड से राजाजीपुरम के लिए अवैध ऑटो चल रहे हैं। ये ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना शुल्क लेते हैं। इनके ऑटो में परिवहन विभाग का हेल्प लाइन नंबर भी दर्ज नहीं है। खास बात यह है कि इन वाहनों के रोड पर चलने से आए दिन जाम भी लगता है।
लॉकडाउन के दौरान आ गए घर
शहर के मुख्य मार्गों पर चल रहे इन ऑटो, टैम्पो और बसों का संचालन के खिलाफ आरटीओ प्रवर्तन टीम और प्रशासन की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान लोग अपने घर आ गए है। इनमें वह लोग भी शामिल हो गए हैं जो आस-पास जिलों में रहते थे। अब तक यह अपने वाहन दूसरे जिलो में चला रहे थे, लेकिन अब राजधानी में वाहन चला रहे हैं। अवैध बसों का संचालन बेखौफ जारी है।
“अन्य जनपदों के आटो टेम्पों की शहर के अंदर संचालन के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। ऐसे सभी वाहनों को बंद किया जाएगा। एक बार बंद होने के बाद दोबारा ऐसे वाहन मिलने पर इनका परमिट और ऐसे चालकों को लाइसेंस निरस्त किया जायेगा।” -रामफेर त्रिवेदी, आरटीओ लखनऊ
