लखनऊ: तीन दिन तक बीच रास्ते में बस लेकर फंसा रहा रोडवेज चालक
लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत चलने वाली रोडवेज बस अजीबो गरीब मामला प्रकाश में आया है। तीन दिन से रोडवेज बस चालक बस खराब हो जाने पर बीच रास्ते मैकेनिक,अधिकारी आने का इंतजार करता रहा लेकिन विभाग ने उसकी एक न सुनी। अधिकारी से संपर्क करने पर बताया गया कि ज्यादा …
लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत चलने वाली रोडवेज बस अजीबो गरीब मामला प्रकाश में आया है। तीन दिन से रोडवेज बस चालक बस खराब हो जाने पर बीच रास्ते मैकेनिक,अधिकारी आने का इंतजार करता रहा लेकिन विभाग ने उसकी एक न सुनी। अधिकारी से संपर्क करने पर बताया गया कि ज्यादा ना उड़ो नहीं तो कुंडली खोल दूंगा।
अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर वंदेभारत मिशन हवाई जहाज से उतारे यात्रियों को लेकर बीते शनिवार को रवाना हुई रोडवेज बस खलीलाबाद के पास खराब हो गई। बस खराब होने के बाद तीन दिनों तक अकेला ड्राइवर बस लेकर खड़ा रहा। हैदरगढ़ डिपो की बस में सवार सभी 25 यात्रियों को पीछे आ रही बस से गोरखपुर भेजा गया। तब से बस को दुरुस्त करने कोई नहीं पहुंचा।
सोमवार को मामला सोशल मीडिया पर उजागर होने के बाद मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों ने बस को दुरूस्त कराने के लिए लखनऊ से मैकेनिक को भेजा। जब जाकर बस को सही करके लखनऊ लाया गया। इस दौरान अकेला बस ड्राइवर भूख से तड़पता रहा। अधिकारियों को फोन लगाता रहा। बावजूद किसी भी नजदीकी डिपो से कोई भी अधिकारी बस को अटेंड करना तो दूर मदद करने के लिए भी नहीं पहुंचा।
जब चालक ने फोन किया भड़के एआरएम
बस चालक सुशील मिश्रा लखनऊ से गोरखपुर बस नंबर यूपी 78 एफएन 1764 लेकर जा रहे थे, तभी खलीलाबाद के पास बस के वाटर वॉडी में खराबी आ गई। एआरएम काशी प्रसाद को रात दस बजे फोन किया तो उन्होंने इतनी रात में फोन करने पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि ज्यादा न उड़ो कुंडली खोल दूंगा तो ठीक हो जाओगे। एआरएम से बात करने पर कहा कि ड्राइवर को 200 रुपये दिया था।
