मुरादाबाद: घूसखोर दरोगा और गन्ना पर्यवेक्षक की आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू
मुरादाबाद, अमृत विचार। घूसखोर दरोगा धर्मेंद्र सिंह तोमर और गन्ना पर्यवेक्षक जगदीश सिंह के खिलाफ उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में शासन स्तर से भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन ब्यूरो) को आदेश भी मिल गए हैं।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए संगठन के लखनऊ स्थित मुख्यालय से आवंटन भी हो गया है। दोनों के मामले के जांच अधिकारी नामित हो गए हैं। जांच आठ बिंदुओं पर होनी है।
चालू वर्ष के 11 माह में 10 अधिकारी-कर्मचारी लोगों से रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जा चुके हैं। इनमें संभल जिले की सदर तहसील के संग्रह अमीन सत्यवीर सिंह, मुरादाबाद में कांठ तहसील में तैनात रहे कानूनगो धर्मवीर सिंह व लेखपाल अंकित कुमार, 33/11 केवी विद्युत वितरण खंड तृतीय शिवपुरी में तैनात रहे कार्यालय सहायक शरद भटनागर, पुलिस लाइन में अपराध शाखा के इंस्पेक्टर वली अहमद, रामपुर के थाना गंज के चौकी प्रभारी पाखड़ सुधीर कुमार शामिल हैं। बिजनौर में नगीना तहसील के लेखपाल जगपाल सिंह, जिला अमरोहा में बिजली विभाग के जेई अखिलेश कुमार और डिलारी थाने की दरोगा पिंकी शर्मा भी हैं।
आरोपियों में अभी तक इंस्पेक्टर वली अहमद, दरोगा सुधीर कुमार व पिंकी शर्मा को छोड़कर अन्य सभी के विरुद्ध आरोप पत्र भी बरेली स्थित भ्रष्टाचार निवारण संगठन के न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं। अब इनके मामले में भी आय से अधिक संपत्ति की जांच की अनुमति के लिए पैरवी की जा रही है। जिन आरोपियों के विरुद्ध अभी आरोपों की जांच की कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई है, उनसे जुड़े विवेचक को यथाशीघ्र विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आय से अधिक संपत्ति मिली तो फिर होगी एफआईआर
डिप्टी एसपी फाजिल सिद्दीकी ने बताया कि जिन आरोपियों के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति मिलती है तो उसके विरुद्ध एक और एफआईआर दर्ज कराई जाती है। यह एफआईआर आरोपी के निवास वाले जिले में या फिर उसकी पूर्व की तैनाती वाले जिले के थाने में दर्ज होती है।
उन्होंने बताया कि संपत्ति की जांच में करीब एक साल तक का समय लगता है। इसमें आरोपी की चल-अचल वाली एक-एक संपत्ति का विवरण जुटाते हैं। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक एंटी करप्शन मुख्यालय को भेजते हैं।
इन मामलों में पकड़े गए थे दरोगा व गन्ना पर्यवेक्षक
दरोगा धर्मेंद सिंह तोमर संभल में गांव ढ़डुमरा के पीड़ित सत्य प्रकाश से 5,000 रुपये लेते हुए 11 जनवरी 2023 को पकड़े गए थे। सत्य प्रकाश का गांव के ही देवेंद्र आदि से मामूली विवाद हुआ था। उसी दिन वैरपुर महाराजी पुलस चौकी पर समझौता हो गया था। उसी तारीख में सत्य प्रकाश के खिलाफ देवेंद्र ने एफआईआर दर्ज करा दी थी।
मामले में दरोगा धर्मेंद्र तोमर धारा हटाने के लिए सत्य प्रकाश से रुपये लिए थे, इनकी तरह संभल में ही कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव जहांगीरपुर के किसान भगवान दास से गन्ना पर्यवेक्षक जगदीश सिंह ने सट्टा संचालित करने के लिए 2,000 रुपये की रिश्वत ली थी। ये घूस उन्होंने भगवान दास से उनके पिता दयाराम की मृत्यु के बाद वारिस के आधार पर गन्ने का सट्टा संचालन के लिए ली थी।
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