बरेली: मुठभेड़ के 12 घंटे बाद गोली लगने से घायलहुआ पशु तस्कर और इंस्पेक्टर-सिपाही

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Edited By Amrit Vichar
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पुलिस की हैरतअंगेज कहानी, शुक्रवार रात हुई थी मुठभेड़, शनिवार दोपहर को किया तीनों के घायल होने का दावा

बरेली, अमृत विचार : इज्जतनगर इलाके में पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में गोलियां तो शुक्रवार देर शाम चलीं लेकिन गोली लगने से एक पशु तस्कर के साथ इंस्पेक्टर और सिपाही घायल हुए पूरे 12 घंटे बाद। शुक्रवार रात पुलिस की ओर से जो प्रेस नोट जारी किया गया, उसमें न पशु तस्कर को घायल बताया गया, न ही इंस्पेक्टर और सिपाही को।

गिरफ्तार किए गए पशु तस्करों का शनिवार दोपहर फोटो जारी किया गया तो उसमें भी दोनों में से कोई घायल नहीं दिखाई दिया। लेकिन इसी फोटो के साथ जारी दूसरे प्रेस नोट में तीनों के घायल होने का दावा किया गया है। इज्जतनगर पुलिस के मुताबिक शुक्रवार देर शाम विलयधाम के पास तीन तस्करों के गोवंशीय पशुओं को घेरकर ले जाने की सूचना पर उनकी घेराबंदी की गई थी। इस पर पशु तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

एसपी सिटी राहुल भाटी ने देर रात जारी बयान में बताया था कि पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग करने के बाद दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक तस्कर फरार हो गया। गिरफ्तार किए गए दोनों तस्कर कदीर अहमद और नाजिम को बिजनौर निवासी बताया गया था।

इस बयान में मुठभेड़ में न तो किसी पशु तस्कर के घायल होने की बात कही गई थी न ही पुलिसकर्मियों के, लेकिन शनिवार दोपहर प्रेस नोट जारी किया गया कि मुठभेड़ में पशु तस्कर कदीर अहमद के पैर में गोली लगी है। इसके साथ पशु तस्करों की गोली से इंस्पेक्टर इज्जतनगर जयशंकर सिंह भी हाथ और सिपाही विशाल पेट और जांघ में गोली लगने से घायल हुए हैं।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पशु तस्करों से तमंचे और कारतूस बरामद करने का भी दावा किया है। एसपी सिटी राहुल भाटी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि पशु तस्कर छुट्टा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर विलयधाम बाईपास के पास इकट्ठा करने के बाद तस्करी के लिए ले जा रहे हैं। रात करीब 11:50 बजे पुलिस वहां पहुंची तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

पुलिस के मुताबिक मौके से फरार होने वाले तीसरे तस्कर की पहचान पंजाब के अमृतसर के जटियाला गुरु निवासी कुलदीप सिंह उर्फ सागर के रूप में हुई है। नाजिम ने पूछताछ में बताया है कि 19 नवंबर को वे गोवंशीय पशुओं से भरा ट्रक लेकर जा रहे थे लेकिन रास्ते में पुलिस की घेराबंदी के बाद उसे छोड़कर भाग गए थे।

जिला अस्पताल में भी 12 घंटे बाद भर्ती हुआ, घायल पशु तस्कर, पुलिस वाले पहुंचे ही नहीं: पुलिस ने मुठभेड़ का समय शुक्रवार रात करीब 12 बजे बताया है लेकिन इसी मुठभेड़ में घायल बताए गए पशु तस्कर कदीर अहमद को रात में जिला अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक कदीर अहमद को वहां शनिवार दोपहर 12 बजे भर्ती दिखाया गया है।

दिलचस्प यह है कि जिला अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक मुठभेड़ में घायल बताए जा रहे इंस्पेक्टर इज्जतनगर और सिपाही वहां पहुंचे ही नहीं। पुलिस महकमे में ही सवाल उठ रहा है कि पुलिस ने मुठभेड़ की कहानी इतनी लचर बनाई है कि उसका अदालत में टिकना मुश्किल है। यही नहीं बिजनौर और अमृतसर के पशु तस्करों का बगेर किसी स्थानीय मददगार के यहां आकर पशुओं को तस्करी के लिए पकड़कर ले जाने की बात भी किसी को हजम नहीं हो रही है।

आईजी आवास के पास दिनदहाड़े लूट के बाद भी पुलिस मुठभेड़ पर उठे थे ऐसे ही सवाल: आईजी आवास के पास नौ नवंबर को दिनदहाड़े लूट की वारदात हुई थी। एक कंपनी के कर्मचारी से दो लुटेरों ने साढ़े आठ लाख रुपये का कैश लूट लिया था लेकिन वहीं पास में ड्राई फ्रूट बेचने वाले एक व्यक्ति ने हिम्मत दिखाकर न सिर्फ एक लुटेरे को दबोच लिया बल्कि उससे कैश भरा बैग भी छीन लिया था।

पुलिस ने इस घटना में भी कई घंटे बाद एक लुटेरे को मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल होने का दावा किया था। बताया गया था कि लूट में एक तीसरा लुटेरा भी शामिल था जिसकी पहचान के लिए उसे चौबारी ले जाया गया था वहां गोलीबारी के बीच उसने भागने की कोशिश की, तभी उसे गोली लग गई। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस तीसरे लुटेरे काे अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

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