चरस-स्मैक की बढ़ती सप्लाई से जिला बन रहा ‘उड़ता बरेली’
संजय शर्मा, बरेली। बरेली की स्मैक यूपी ही नहीं दिल्ली, उत्तराखंड़, हरियाणा होते हुए पंजाब तक पहुंचती है। नशे के इस कारोबार में कई सफेदफोश शामिल हैं। मादक पदार्थो की बड़ी खेप जिले में खप जाती है। जिसके चलते यहां के युवा नशे के शिकार होते जा रहे हैं। चरस, गांजा, स्मैक, अफीम जिले में …
संजय शर्मा, बरेली। बरेली की स्मैक यूपी ही नहीं दिल्ली, उत्तराखंड़, हरियाणा होते हुए पंजाब तक पहुंचती है। नशे के इस कारोबार में कई सफेदफोश शामिल हैं। मादक पदार्थो की बड़ी खेप जिले में खप जाती है। जिसके चलते यहां के युवा नशे के शिकार होते जा रहे हैं। चरस, गांजा, स्मैक, अफीम जिले में आराम से कहीं भी मिल जा रही है। लड़कों के साथ-साथ लड़कियां भी धुआं उड़ाते दिख जाती हैं। पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की अनदेखी से अब बरेली भी ‘उड़ता पंजाब’ बनता जा रहा है।
रेंज में सबसे अधिक मादक पदार्थो की तस्करी बरेली से होती है। यहां यह नशा खुलेआम बेचा जा रहा है। पुलिस ने रेंज में सबसे अधिक कार्रवाई बरेली में की है। बीते आठ माह में जिले में 256 एनडीपीएस के मामले दर्ज हुए, पुलिस ने 299 तस्करों को गिरफ्तार किया है। 25 से अधिक लोगों के नाम विवेचना में सामने आए। वहीं रेंज में कुल 486 मुकदमे दर्ज हुए 557 तस्करों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने बरेली में कार्रवाई के दौरान 417 किलो नशीला पदार्थ बरामद किया।
रेंज में पुलिस ने कुल 1814 किलो नशीला पदार्थ कब्जे में लिया। रेंज में शाहजहांपुर में सबसे कम 61 एनडीपीएस के मुकदमे दर्ज कर 70 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं बदायूं 86 मुकदमे दर्ज कर 113 लोगों की गिरफ्तारी कर दूसरे और पलीभीत 74 मुकदमों के साथ 75 तस्करों की गिरफ्तारी कर रेंज में तीसरे स्थान पर है।
नशीला पदार्थ बरामद बरेली में बरेली रेंज में
गांजा 55 किलो 64 किलो
चरस 41 किलो 65 किलो
अफीम 35 किलो 45 किलो
डोडा 283 किलो 1960 किलो
अन्य 4 किलो 97 किलो
करोड़ों की स्मैक भी बरामद
पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बीते नौ माह में करोड़ों की स्मैक के साथ कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बरामद स्मैक को तस्करी कर उत्तराखंड और दिल्ली ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी सील किया है।
हुक्का बार में सजती है महफिल
सिविल लाइंस के साथ-साथ राजेंद्र नगर और डीडीपुरम में चोरी छुपे कई जगह पर हुक्का बार चल रहे हैं। यहां पर सुबह से शाम तक छात्र-छात्राएं दम मारते देखे गए हैं। पुलिस ने इन्हें चेतावनी देकर कई बार छोड़ा है। लेकिन अब भी यहां चोरी छुपे सारे काम चल रहे हैं।
रेंज में बरेली में सबसे अधिक एनडीपीएस की कार्रवाई कर गिरफ्तारियां की गई हैं। यहां पर झारखंड और नेपाल के लोग भी सप्लाई देने आते हैं। इसके बाद यहां से दिल्ली और हरियाणा तक इसे पहुंचाया जाता है। पुलिस क्राइम ब्रांच और एसटीएफ लगतार ऐसे लोगों पर नजर बनाए हुए हैं। -राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी
