लखनऊ: हंसने, छींकने, खांसी के दौरान निकल जाए पेशाब तो महिलाएं हो जाएं सतर्क, जानिये डॉक्टर की राय

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। यदि किसी महिला को हंसने, छींकने, खांसी और चलने-फिरने के दौरान पेशाब निकल जाती हो तो इसे उम्र का तकाजा न मानें। यह एक तरह का मूत्र रोग है। यूं तो यह समस्या 20 से 50 वर्ष की किसी भी महिला को हो सकती है पर इसका मुख्य कारण अप्रशिक्षित हाथों से प्रसव के दौरान क्षतिग्रस्त कोशिकाएं होती हैं।

उक्त बातें एम्स नई दिल्ली के स्त्री रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेबी शर्मा ने कही। वह किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के क्वीनमेरी महिला अस्पताल का शनिवार को मनाए गए 91वे स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।

डॉ. जेबी शर्मा ने कहा कि असुरक्षित प्रसव से मांसपेशियां नष्ट होने के बावजूद शरीर में शक्ति व अच्छे खानपान से इसका असर उस समय नहीं दिखता है। लेकिन 40 से 50 वर्ष की उम्र में यह समस्या उभर आती है। उन्होंने बताया कि व्यायाम से इस बीमारी से राहत मिलती है।

साथ ही पेशाब और मल त्यागने की इच्छा होने पर थोड़ी देर के लिए रोकने से उसका प्रेशर बढ़ता है इससे मांसपेशियां मजबूत हो जाती हैं। इसके अलावा बार-बार गर्भ ठहरने, कमजोरी और मोटापा भी इसकी वजह है। इसको नियंत्रित रखना चाहिए। साथ ही ऐसी समस्या होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।

इस अवसर पर केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रही। वहीं, स्थापना दिवस के अवसर पर मरीजों के प्रति बेहतर आचरण करने पर डॉ. आयुषी सैनी को डॉ. पीएल महाजन गोल्ड मेडल अवॉर्ड से नवाजा गया। वहीं,अस्पताल में उत्कृष्ट योगदान देने पर स्टॉफ नर्स शशि को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो.एसपी जैसवार ने विभागीय रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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