MBBS Student Death: एक्सपर्ट ने एमबीबीएस छात्र साहिल की सीडीआर और वाट्सएप चैटिंग जांचे, हॉस्टल के बेसमेंट में मिला था शव

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में एक्सपर्ट ने एमबीबीएस छात्र साहिल की सीडीआर और वाट्सएप चैटिंग जांचे।

कानपुर में एक्सपर्ट ने एमबीबीएस छात्र साहिल की सीडीआर और वाट्सएप चैटिंग जांचे। रामा यूनिवर्सिटी के सेकेंड ईयर के छात्र का हॉस्टल के बेसमेंट में रक्तरंजिश शव मिला था।

कानपुर, अमृत विचार। रामा यूनिवर्सिटी के एमबीबीएस छात्र साहिल सारस्वत उर्फ अमन कुमार की मौत हत्या थी या हादसा साइबर एक्सपर्ट की जांच ही इसका सहारा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर अब तक इसे हादसे का अंदेशा लगाया जा रहा है। छात्र साहिल की मौत का कारण जानने के लिए साइबर एक्सपर्ट की टीम बिठूर थाने पहुंची। जहां उन्होंने साहिल के मोबाइल की सीडीआर और वाट्सएप चैटिंग देखी। 

जिला मथुरा के आशापुरी मंडी रोड निवासी कॉलेज संचालक बृजमोहन सारस्वत का बड़ा बेटा साहिल सारस्वत उर्फ अमन कुमार रामा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र था। 26 नंवबर को साहिल का रक्तरंजित शव हॉस्टल के बेसमेंट में औंधे मुंह पड़ा मिला था। इस प्रकरण को एक सप्ताह बीत गया। पुलिस ने इस मामले में सीसी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक समेत सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कराई जिसमें हादसे की पुष्टि अब तक हुई है।

हालांकि, रविवार को साहिल के मौत की वजह जानने के लिए साइबर एक्सपर्ट की टीम बिठूर थाने पहुंची। जहां टीम ने थाने में साहिल के फोन की कॉल डिटेल देखी इसके साथ ही जिन-जिन लोगों के साथ उसकी वाट्सएप चैटिंग हुई थी उसकी भी एक-एक डिटेल निकाली गई। पुलिस के अनुसार साहिल की मौत रात तीन से 3.30 बजे के करीब हुई थी।

जबकि उसकी महिला मित्र से उसकी कब बातचीत हुई है उसका समय क्या था इसका मिलान किया गया। पुलिस का कहना है कि साहिल की महिला मित्र से लगभग रोज ही बातचीत होती थी। शुक्रवार को साहिल के परिजन भी पहुंचे थे जिन्हें पुलिस ने अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराया था। हालांकि परिजन पूरी तरह से हादसा नहीं मान रहे हैं, वह हत्या की ओर इशारा करते हुए उसे धक्का देकर गिराए जाने की संभावना जता रहे हैं।

इंडेक्शन और ब्रेकिंग स्ट्रेंथ टेस्ट कराएगी पुलिस

सूत्रों ने बताया कि बालों के गुच्छे को लेकर फोरेंसिक यूनिट अब मेडलरी इंडेक्शन टेस्ट और रस्सी की ब्रेकिंग स्ट्रेंथ टेस्ट कराएगी। जिससे बाल मानव के हैं कि नहीं यह पता चलेगा और रस्सी इतने वजन से टूट सकती है कि नहीं इसका पता किया जाएगा। उसके बाद फोरेंसिक यूनिट अपनी रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को सौंप देगी।

फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही पुलिस

इस हाईप्रोफाइल मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट ने अब तक जो जो साक्ष्य घटनास्थल से एकत्रित करके प्रयोगशाला में भेजा है। पुलिस उस रिपोर्ट का आने का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद केस में उन चीजों को शामिल किया जाएगा।

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