Kanpur News: CSA के शिकायकर्ता छात्र के खून में मिला अल्कोहल, नशे में लगाया था पीड़ित ने आरोप...
कानपुर के सीएसए विश्वविद्यालय के शिकायकर्ता के छात्र के खून में मिला अल्कोहल।
कानपुर के सीएसए विश्वविद्यालय के शिकायकर्ता के छात्र के खून में अल्कोहल मिला। नशे में पीड़ित ने आरोप लगाया था। चेहरे पर खरोंच के निशान नहीं मिले।
कानपुर, अमृत विचार। नवाबगंज थानाक्षेत्र में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तिलक छात्रावास में रैगिंग के साथ चाकूबाजी में घायल करने के मामले में पीड़ित शिकायकर्ता छात्र रविकांत का आरोप उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस को जांच में पता चला है कि घटना वाले दिन छात्र नशे में था। मेडिकल में उसके अल्कोहल की पुष्टि हुई है। वहीं चाकू से हमले के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कोई भी छात्र विश्वविद्यालय छात्रावास में रहने के दौरान मांसाहार व शराब का प्रयोग नहीं कर सकता है। नवाबगंज थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्र ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में चिकित्सक ने शिकायतकर्ता के शरीर में अल्कोहल की मौजूदगी बताई है। छात्र ने चाकू से हमले की तहरीर दी है जिसमें नाक पर चोट बताई है लेकिन उसकी नाक या चेहरे पर कहीं खरोंच का निशान भी नहीं मिला है।
लेकिन उसकी तहरीर पर सीनियर मेडिकल छात्र अभिषेक द्विवेदी और पुष्पेंद्र कुशवाहा के खिलाफ मारपीट और गालीगलौज की एफआईआर दर्ज कराई थी। बिल्हौर के बछना निवासी प्रथम वर्ष के छात्र रविकांत ने आरोप लगाया था कि 27 नवंबर को वह अपने कमरे के बाहर खड़ा था। तभी आरएसआरपी हॉस्टल में रहने वाले सातवें सेमेस्टर के छात्र अभिषेक द्विवेदी और पुष्पेंद्र कुशवाहा उसके पास पहुंचे।
इसके बाद रैगिंग करते हुए पहले गाली गलौज करते हुए उसे मुर्गा बनाया। विरोध पर मारपीट की। जब वह भागकर अपने कमरे में पहुंचा तो वहां भी दोनों में लात घुसों से पिटाई करते हुए जान से मारने की धमकी दी। जिससे उनकी नाक और कान में गंभीर चोट आने के कारण खून आने लगा था। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है।
जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार
रैगिंग की शिकायत पर विश्वविद्यालय की जांच समिति को अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपनी बाकी है। पुलिस की रिपोर्ट उजागर होने के बाद अब विश्वविद्यालय की जांच समिति के निष्कर्षों पर बहुत कुछ दारोमदार है।
बताया यह भी जाता है कि शिकायत करने वाले छात्र के बड़े भाई को भी छात्रावास में रहने के दौरान मांसाहार के आरोप में निष्कासित किया जा चुका है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया है कि उसने अपने बड़े भाई के दबाव में तहरीर दी है। विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. पीके उपाध्याय का कहना है कि जांच समिति की पहली बैठक हुई हैँ। दूसरी बैठक के बाद ही कुलपति को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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