बरेली: फर्जी डॉक्टरों ने मेडिकल स्टोर खुलवाने के नाम पर दरोगा के बेटे से ठगे सात लाख
बरेली, अमृत विचार। फर्जी डॉक्टरों ने अस्पताल में मेडिकल स्टोर खुलवाने के नाम पर दरोगा के बेटे से पांच लाख रुपये ठग लिए। कुछ दिन बाद अस्पताल बंद करके आरोपी दो लाख रुपये की दवा भी लेकर फरार हो गए।
एसएसपी के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बिथरी चैनपुर के गांव उड़ला जागीर निवासी अलीम बेग ने बताया उसके पिता रईस बेग पुलिस विभाग में दरोगा हैं।
उसने वर्ष 2022 में डीफार्मा किया था। एक दिन कर्मचारी नगर में वह अपने बहनोई मो. नाजिम की दुकान पर बैठा था। उसी दौरान पांच लोग आए और एसी का हिसाब करने के बाद डीफार्मा कोर्स किए हुए व्यक्ति के संबंध में पूछा। तब नाजिम ने अपने बारे में बता दिया। एक आरोपी ने बताया कि वह अस्पताल खोल रहा है।
उसमें मेडिकल स्टोर रखने के लिए एक व्यक्ति की जरूरत है, जो रुपये लगा सके। इस पर अलीम तैयार हो गया। आरोपियों के कहने पर उसने 28 मई 2022 में कचहरी में डॉ. मो. नईम निवासी ग्राम राई नवादा थाना बहेड़ी, आरिस खां निवासी भोगपुर, डॉ. साजिद अली निवासी रतना चुन्नीलाल भोजीपुरा के पक्ष में एग्रीमेंट करा दिया।
आरोपियों ने आठ लाख रुपये में पांच वर्ष के लिए एग्रीमेंट करा दिया। एग्रीमेंट के दौरान उसके पिता ने जीपीएफ से निकालकर पांच लाख रुपये मो. नईम के नाम पर चेक दिया था। बचे हुए तीन लाख रुपये एक माह बाद देने की बात हुई थी।
अक्टूबर 2022 में आरोपियों ने किराये की बिल्डिंग लेकर कर्मचारी नगर मिनी बाईपास पर एमएच नाम से अस्पताल खोला। इसमें एक दुकान पीड़ित को दी गई। अगले दिन आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने दो लाख रुपये की दवा खरीदकर अस्पताल में रख ली।
फर्जी थे डॉक्टर दवा लेकर भी भाग गए
अलीम ने बताया कि जानकारी लेने पर पता चला कि आरोपियों में से किसी के पास भी डॉक्टर की डिग्री नहीं है। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने रुपये मांगे तो आरोपी धमकी देने लगे। एक दिन रात में आरोपी अस्पताल खाली करके सामान और दवाई भी ले गए।
पीड़ित ने बताया कि ठगी में गांव भोगपुर के डॉ. लियाकत का बेटा मोहम्मद जावेद भी शामिल है। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी डॉ. मोहम्मद नईम, डा. मोहम्मद साजिद, आरिश खां और मोहम्मद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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