संभल: अंतरर्राज्यीय नकली नोट गैंग के सात सदस्य गिरफ्तार, 1.32 लाख के नकली नोट बरामद
एक सदस्य पुलिस को चकमा देकर भागने में रहा कामयाब, पिछले 25 साल से कर रहे हैं नकली नोट का कारोबार, एसटीएफ ने भी किया था गिरफ्तार
संभल/गुन्नौर, अमृत विचार। जनपद गुन्नौर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले अंतरर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 1.32 लाख रुपये के नकली नोट और नकली नोट छापने में प्रयुक्त होने वाला कागज बरामद किया हैं।

पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि जनपद में नकली नोट का कारोबार करने वाले गिरोह की सक्रियता की खबर मिली तो पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को भी गिरोह की धरपकड़ के काम में लगाया गया था। गुन्नौर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने नरौरा रोड कन्या महाविद्यालय के निकट से गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार किया जबकि एक भागने में कामयाब रहा।
गिरफ्तार लोगों ने अपने नाम फिरोजाबाद जनपद के रामगढ़ निवासी सुखवीर उर्फ सोनवीर उर्फ सोनू, हरियाणा के गुरुग्राम निवासी नीरज, बुलंदशहर जनपद के गांव हिसावटी निवासी राजेन्द्र उर्फ राजू, बुलंदशहर के शफीनगर निवासी सचिन, अमरोहा के नौगावां सादात निवासी नरेंद्र और मनोज कुमार के साथ ही बहजोई थाना क्षेत्र के लहरावन निवासी योगेन्द्र शर्मा बताये हैं। फरार हुए आरोपी का नाम योगेश उर्फ करूआ बताया गया है। आरोपियों के कब्जे से एक लाख इकत्तीस हजार पांच सौ रुपये के नकली नोटों के साथ ही जाली करेंसी बनाने में प्रयोग होने वाला सफेद पेपर बरामद किया है। इनके कब्जे से 32 हजार रूपये की असली करेंसी भी बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि अलग अलग स्थानों में नकली नोट चलाने का गोरखधंधा करते थे।
आगरा में नकली नोट तैयार कर बाजार में खपाता था गैंग
बहजोई। एसपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि नकली नोट छापने वाले गिरोह ने आगरा में किराए पर एक कमरा ले रखा है जहां पर प्रिंटर से वह नोट छापते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नकली नोट तैयार करने में मुख्य भूमिका योगेश उर्फ करुआ की रहती थी जबकि बाकी लोग तैयार नकली करेंसी को बाजार में खपाने का काम करते थे। वह नकली नोट लेकर अलग-अलग शहरों में जाते थे। संभल जनपद में नकली नोट खपाने का काम शुरु किया तो पुलिस ने पकड़ लिया। एसपी ने बताया कि अभी उन्हें नोट छापने के काम में लाया जा रहा प्रिंटर नहीं मिला है। इस मामले में विस्तार से जांच की जा रही है।
21 साल पहले एसटीएफ ने फिरोजाबाद से पकड़े थे यही शातिर
बहजोई। एसपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि पूछताछ में आरोपी नीरज व सुखबीर ने बताया कि वह पिछले 25 साल से नकली नोट बनाने का काम कर रहे हैं। वर्ष 2012 में जब वह नकली नोट छापने का काम करते थे तब उन्हें एसटीएफ ने पकड़ा था। तब उनके पास से 20 लाख की न नकली नोटों की नकदी बरामद की गई थी। इस मामले में जेल से छूटने के बाद पह फिर से इसी कारोबार में जुट गए। पुलिस ने वर्ष 2015, 16, 17, 18 में भी नकली नोटों के कारोबार को लेकर जेल जा चुके हैं।
गैंगस्टर से लेकर राष्ट्रद्रोह की होगी कार्रवाई
बहजोई। एसपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि अभी पुलिस ने संगीन धाराओं में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले की जानकारी इंटेलिजेंस ब्यूरो एसटीएफ व अन्य जांच एजेंसी को दे दी गई है। आगे की कार्रवाई वह करेंगे। इस मामले में पाकिस्तान व अन्य देश के तार जोड़ते हैं तो वही एजेंसियां इसमें आगे की कार्रवाई करेंगे। इनके खिलाफ जनपद पुलिस की ओर से आगे गैंगस्टर की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
एक बार में एक सीरीज के छापते थे नोट
गुन्नौर। जाली करेंसी छापने और खपाने वाला गैंग एक बार में एक ही सीरीज और नंबर के नोट छापता था। कई सीरीज और नंबर इकट्ठे होने पर नोटों को मिक्स करके बाजार में आसानी से खपाते थे। इनसे से बरामद पांच सौ के कुल 263 जाली नोटों में से 58 नोटों पर 7DR673859, सत्तर नोटों पर 9AD366568, बासठ नोटों पर 4DD956096 और 73 नोटों पर 5BA928265 सीरीज व नंबर लिखे हैं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम
संभल। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह गुनावत ने नकली नोट बनाकर बाजार में खपाने वाले गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस पार्टी की पीठ थपथपाई है। पुलिस अधीक्षक ने गिरोह को गिरफ्तार के काम को अंजाम देने वाले कोतवाल गुन्नौर अतर सिंह,सर्विलांस प्रभारी रामवीर सिंह,एसओजी प्रभारी दीपक राणा,दरोगा सत्यदेव सिंह व नवीन कुमार,हेड कांस्टेबल विकास कुमार,यतीश कुमार के साथ ही कांस्टेबल सिद्धार्थ मलिक,स्वयंप्रकाश व संदीप कुमार को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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