बरेली: 'रुहेलखंड को कुछ नहीं मिला, अलग प्रदेश बनाया जाए'

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डोहरा रोड स्थित एक स्कूल में हुआ प्रथम रुहेलखंड सम्मेलन का आयोजन

बरेली, अमृत विचार। डोहरा रोड स्थित एक स्कूल में रविवार को रुहेलखंड मुक्ति मिशन के बैनर तले प्रथम रुहेलखंड सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद समेत कई जिलों से वक्ता शामिल हुए। राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पटेल ने कहा कि रुहेलखंड क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। यहां से अब तक कोई मुख्यमंत्री नहीं है।

एम्स, सरकारी मेडिकल कॉलेज, आईआईटी कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय नहीं है। हाईकोर्ट की जरूरत है। इसके नहीं होने से अधिवक्ताओं को तमाम मुश्किलों का सामना करना होता है। अगर, रुहेलखंड अलग प्रदेश बनता है तो यह छोटा और सुखी प्रदेश होगा। ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि रुहेलखंड में करीब 18 जिले आते हैं। जिनकी जनसंख्या लगभग 6.5 करोड़ है। जिलाध्यक्ष जेपी गंगवार ने कहा कि हमारे यहां के युवा पड़ोसी राज्यों में नौकरी के लिए जाते हैं। वहां पर उनका शोषण हो रहा है। कहा कि जब तक बरेली राजधानी नहीं बन जाती और रुहेलखंड अलग प्रदेश नहीं बन जाता तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रेम शंकर पटेल, रूपेंद्र पटेल, डा. रवि प्रकाश, प्रवीण कुमार, प्रदीप गंगवार, सुबोध गंगवार, नितेश मौर्य, रविंद्र गुप्ता, संजीव गंगवार, बबलू गंगवार, देवेंद्र पटेल, विजय सिंह ठाकुर, ओमप्रकाश, डॉ. हरीश गंगवार आदि ने विचार व्यक्त किए।

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