दलाई लामा 13 साल बाद पहुंचे सिक्किम, देंगे बोधिसत्व के 37 अभ्यास’ पर उपदेश

दलाई लामा 13 साल बाद पहुंचे सिक्किम, देंगे बोधिसत्व के 37 अभ्यास’ पर उपदेश

गंगटोक। तिब्बती आध्यात्मिक नेता 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो 13 साल के अंतराल के बाद सिक्किम की तीन-दिवसीय यात्रा पर सोमवार सुबह यहां पहुंचे। वह राज्य में अपने प्रवास के दौरान ‘बोधिसत्व के 37 अभ्यास’ पर उपदेश देंगे। दलाई लामा सुबह करीब साढ़े दस बजे पूर्वी सिक्किम में लिबिंग सैन्य हेलीपैड पर उतरे, जहां मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने उनका स्वागत किया।

राज्य के विभिन्न मठों के बौद्ध भिक्षुओं ने पारंपरिक बौद्ध नृत्य और प्रार्थना ‘शेरबंग’ के साथ उनका भव्य स्वागत किया। निर्वासित तिब्बती संसद ‘तिब्बतन सेटलमेंट ऑफिस’ और स्थानीय तिब्बती विधानसभा के कुछ सदस्य भी उनका स्वागत करने के लिए उपस्थित थे। दलाई लामा (87) गंगटोक के एक होटल पहुंचे और आध्यात्मिक नेता की एक झलक पाने के लिए सैकड़ों लोग देवराली से जीरो प्वॉइंट तक राजमार्ग के दोनों ओर कतार में खड़े थे।

वह मंगलवार को नाथुला में भारत-चीन सीमा से लगभग 50 किलोमीटर दूर पलजोर स्टेडियम में ‘बोधिसत्व के 37 अभ्यास’ पर उपदेश देंगे। गंगटोक के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तेनजिंग लोडेन लेप्चा ने कहा, ‘‘दलाई लामा से आशीर्वाद लेने के लिए लगभग 40,000 श्रद्धालु पलजोर स्टेडियम में कार्यक्रम में शामिल होंगे।’’ दलाई लामा ने आखिरी बार 2010 में सिक्किम का दौरा किया था।

अधिकारियों ने कहा कि वह रुमटेक में करमापा पार्क परियोजना और गंगटोक जिले के सिमिक खामडोंग निर्वाचन क्षेत्र में ग्यालवा ल्हात्सुन चेनपो प्रतिमा की आधारशिला भी रखेंगे। उनका बृहस्पतिवार सुबह तक गंगटोक में रुकने का कार्यक्रम है, उसके बाद वह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के सालुगाड़ा के लिए रवाना होंगे। अक्टूबर में दलाई लामा की सिक्किम यात्रा अचानक आई बाढ़ के कारण रद्द कर दी गई थी। इस बाढ़ में कई लोगों की जान चली गई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे।

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