टेराकोटा, मोजैक व सेरेमिक की मूर्तियां बढ़ाएंगी धर्मपथ का आकर्षण, दीवारों पर उकेरे जाएंगे भगवान राम के जीवन के प्रसंग
अयोध्या। धर्मपथ को आकर्षक बनाने के लिए 30-30 मीटर के अंतराल पर दोनों तरफ दीवारें बनाई जा रही हैं। इन दीवारों पर श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित लगभग 150 प्रसंगों को टेराकोटा, मोजैक, सेरोमिक, एफआरपी, जीआरपी आदि धातुओं की मूर्तियों के माध्यम से उकेरा जायेगा।
निर्माणाधीन कार्यों को देखने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त गौरव दयाल धर्मपथ पर पहुंचे। उन्होंने सर्वप्रथम लता चौक के पास पथ के दोनों तरफ समानांतर स्थापित किये जा रहे सूर्य स्तंभों का अवलोकन कर स्तंभों में और अधिक आकर्षण के लिए दिशा निर्देश दिए। इसके बाद पथ निर्माण के अंतर्गत पथ के दोनों तरफ कॉबल स्टोन लगाकर बनाए जा रहे फुटपाथ के पैटर्न की सराहना की।
इधर, मंगलवार को ही जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भी प्राचीन व एतिहासिक वास्तुकलाओं को संजोने, संवारने व संरक्षित करने के लिए मठ-मंदिरों, आश्रमों, भवनों व कुंडों, आदि के जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया। नितीश कुमार ने बताया कि जिले के 37 धार्मिक स्थलों के फसाड ट्रीटमेंट व पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास निर्माण कार्य के लिए 68.80 करोड़ रुपए की लागत से जानकी घाट, बड़ा स्थान, दशरथ भवन मंदिर, मंगल भवन, अक्षरी मंदिर, राम कचेहरी मंदिर, सियाराम किला, दिगम्बर अखाड़ा, तुलसी चैराहा मंदिर, भारत किला मंदिर, हनुमान मंदिर, कालेराम मंदिर, नेपाली मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर, मौर्य मंदिर, राम गुलेला मंदिर, करतलिया बाबा मंदिर, तिवारी मंदिर, वेद मंदिर, मणिराम दास छावनी मंदिर, बरेली मंदिर, रंग महल मंदिर, टेढ़ीयाती महादेव मंदिर, राम पुस्तकालय मंदिर, विद्या देवी मंदिर, देवीकाली कुण्ड मंदिर, रत्न सिंहासन मंदिर आदि पौराणिक मंदिरों/आश्रमों के बिल्डिंग व आर्ट संरक्षण कार्य के साथ ही पेंटिंग, लाइटिंग अरेस्ट्रो, फसाड ल्यूमिनेशन, विजिटर एमिनिटीज, स्ट्रीट फर्नीचर व सीसीटीवी आदि का कार्य यूपीएसटीडीसी द्वारा कराया जा रहा है।
