संतकबीरनगर : लावारिस गोवंश से मिली राहत तो नीलगाय बने आफत
संतकबीरनगर, अमृत विचार। किसानों की किस्मत प्रकृति और हालातों पर ही निर्भर होती है। कभी सूखा तो कभी बाढ़, कभी रोग तो कभी तेज आंधी तूफान किसानों का हर साल इम्तिहान लेते हैं। इसके साथ ही लावारिस गोवंशों और नीलगायों द्वारा भी किसानों को बड़ा दर्द दिया जाता है। कुछ वर्षों पूर्व तक लावारिश गोवंश किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत थे, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमाम गोआश्रय केंद्र स्थापित कराकर किसानों का दर्द काफी हद तक कम कर दिया है। लेकिन नीलगायों के लिए शासन की कोई योजना नहीं है।
शासन द्वारा नीलगायों को मारने पर प्रतिबंध के चलते इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नीलगायों का झुंड जिस खेत में पहुंचता है उस खेत की फसलों को पलक झपकते ही नष्ट कर देता है। किसान धनपति ओझा, विश्वनाथ पाण्डेय, नारद पाण्डेय, छोटेलाल यादव, राम आसरे, नगीना सिंह, त्रिपुरारी आदि लोगों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जैसे गोवंशीय पशुओं को पकड़ने का प्रबंध किया है उसी प्रकार नीलगायों को पकड़ने का भी प्रबंध करना चाहिए। नीलगाय गोवंशीय पशुओं से भी ज्यादा हानिकारक साबित हो रहे हैं।
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