संसद में घुसपैठ मामला: सागर ने 40 मिनट तक की परिजन से की बात, उगले कई राज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

 लखनऊ, अमृत विचार। संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले सागर शर्मा की रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसके परिजन से करीब 40 मिनट तक बातचीत करायी गई। दिल्ली से आई स्पेशल टीम ने कारपेंटर पिता रोशन लाल शर्मा, मां रानी और नाबालिग बहन से अकेले में पूछताछ की।

सूत्रों की मानें तो स्पेशल टीम ने सागर के कमरे से एक ब्लेड भी बरामद किया है। आशंका जताई जा रही है कि इसी ब्लेड से सागर ने जूते में छेद कर स्मोक कैप्सूल रखने की जगह बनाई थी। जिसमें स्प्रे रखकर संसद के अंदर ले गया था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बेटे से बातचीत के दौरान मां रानी शर्मा रोने लगीं, तब आरोपी ने सबका हालचाल पूछ जल्द ही घर आने की बात कहने लगा।

सूत्रों के मुताबिक, एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) और स्थानीय पुलिस ने मिले इनपुट के आधार पर स्पेशल पुलिस ई-रिक्शा मालिक नन्हें के घर पर भी पहुंची, जहां पूछताछ के दौरान टीम को कुछ तथ्यात्मक बातें भी पता चली हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि लखनऊ से मिले इनपुट को सत्यापित करने के बाद देर रात दिल्ली पुलिस वापस लौट गई।

मां से बोला आरोपी, जो किया सही किया

रविवार शाम करीब छह बजे दिल्ली से आई स्पेशल टीम ने सागर के परिजनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परिजन से उसकी बातचीत कराई। जिसकी निशानदेही पर पुलिस ने फुटवियर दुकान के अलावा कमरे से एक ब्लेड भी बरामद किया है। वीडियो कॉल पर सागर मां रानी से बोला मैने यह काम किसी के कहने पर नहीं किया। जो किया, सही किया है। जांच के बाद जल्दी छूट जाऊंगा। इसके बाद सागर ने मां से बहन माही का ख्याल रखने की भी बात कही। 40 मिनट तक परिजन से बातचीत करने के बाद सागर ने कई राज भी उगले। जिसमें घर और कुछ स्थानों पर रखे कुछ कागजात की जानकारी दी, जिन्हें पुलिस अपने साथ लेकर गई है।

सागर ने कहा था, उसका समय बदलने वाला है

सूत्रों की मानें, तो जांच टीम ने मानकनगर में रहने वाले ई-रिक्शा मालिक नन्हें और उसके बेटे हिमांशु से भी करीब एक घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान नन्हें ने बताया निर्धारित कोटे के हिसाब से सागर 400 रुपये प्रतिदिन किराए के रूप में उसे देता था। सुबह नौ बजे वह ई-रिक्शा ले जाता था, रात को लाता था। वहीं, बेटे हिमांशु ने टीम को बताया कि ऋण लेने की जानकारी पर पिता ने सागर को फटकार भी लगाई थी। इस पर सागर ने कहा था कि उसे रुपयों की सख्त आवश्यकता है, इसलिए वह ऋण लेना चाह रहा है। इंकार किए जाने पर सागर ने कहा कि वह लिए गए ऋण का रुपया जल्द ही चुका देगा, उसका समय बदलने वाला है, लेकिन पिता नन्हें के साफ मना करने पर सागर चला गया था।

फंड जुटाने के लिए कोशिश कर रहा था सागर

सूत्रों की मानें तो, लोकल इनपुट के आधार स्पेशल टीम ने ई-रिक्शा मालिक से पूछताछ की। तब पता चला कि सागर ने बैंकों से संपर्क किया था। पहले तो उसने फंड जुटाने के लिए कोशिश की थी, बैंक से संपर्क कर लोन कराने को लेकर उसने कहा था कि वह ई रिक्शा पर लेना चाहता है। हालांकि, सागर किसलिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहा था। यह भी एक जांच का विषय है। इस पर भी जांच एजेंसियां लगातार तफ्तीश कर रही हैं। इसके बाद जांच टीम ने सागर के पड़ोसियों से भी पूछताछ की। सोमवार को सागर के घर पर सन्नाटा था। स्थानीय पुलिस ने बताया कि रविवार देर शाम आई स्पेशल टीम को सागर के कमरे से बरामद की गई डायरियां, किताबें और भारत का नक्शा दे दिया गया है।

यह भी पढ़ें: अयोध्या: रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए उद्यान मंत्री पहुंच रामनगरी, कह दी यह बड़ी बात

संबंधित समाचार