नेशनल हैण्डलूम एक्सपो का उद्घाटन,बुनकर अपने हुनर पर देश की आर्थिक व्यवस्था में निभा रहे महती भूमिका:राकेश सचान
लखनऊ अमृत विचार । प्रदेश के वस्त्रउद्योग एवं रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने मंगलवार को अवधशिल्प ग्राम अवध विहार लखनऊ में नेशनल हैण्डलूम एक्सपो (गॉधी बुनकर मेला) के उद्घाटन किया । 29 दिसम्बर तक चलने वाले नेशनल हैण्डलूम एक्सपो (गॉधी बुनकर मेला) में देश के विभिन्न प्रदेशों के स्टॉल लगायें गये हैं। एक्सपो प्रतिदिन अपरान्ह 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक चलेगा अवकाश के दिनों में मध्यान्ह 12 बजे से रात्रि 9 बजे तक चलेगी।
एक्सपो में कश्मीर की पशमीना शाल एवं कश्मीरी शूट के स्टाल, प्योर काईनी शाल, प्योर कलमकारी शूट, केप साड़ी हैण्डवर्क तथा मुरादाबाद की बेडशीट समेत विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध है।
उद्घाटन के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये वस्त्र उद्योग एवं रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि हथकरघा उद्योग हमारी प्राचीनतम संस्कृति, परम्परा से जुड़ा हुआ उद्योग है। बुनकर अपने हुनर के बल पर देश की आर्थिक व्यवस्था समृद्धि करने और रोजगार सृजन में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सदियों से दस्तकारी बुनकरी में अग्रणी रहा है। उन्होंने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि हैंडलूम एक्सपो ग्राउण्ड पर जरुरु पधारें और हथकरघा बुनकरों के अनूठे उत्पादों को खरीदकर बुनकरों के मनोबल को बढ़ाये और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहयोग करें। एक्सपो में कश्मीर की पशमीना शाल एवं कश्मीरी शूट के स्टाल, प्योर काईनी शाल, प्योर कलमकारी शूट, केप साड़ी हैण्डवर्क तथा मुरादाबाद की बेडशीट आदि विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध है।
वित्तीय वर्ष में अठारह करोड़ बजट का प्राविधान,अनुसूचित जाति के बुनकरों को मिलेगा लाभ
मंत्री ने आगे कहा कि अनुसूचित जाति के हथकरघा, पावरलूम बुनकरों को लाभान्वित कराने के लिए प्रदेश सकरार इस वित्तीय वर्ष के लिए धनराशि रू 1797.62 लाख (लगभग अठारह करोड़) का बजट प्राविधान किया गया है जिसके सापेक्ष अनुसूचित जाति के 700 हथकरघा/पावरलूम बुनकरों को रू0 9.00 करोड़ का अनुदान डी0बी0टी0 के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रदान किया जा चुका है एवं अवषेश धनराशि से अन्य बुनकरों को अनुदान दिये जाने की प्रक्रिया चल रही है।
अनुसूचित जाति के बुनकरों को छोड़कर अन्य हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री हैण्डलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना में हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को बुनाई हेतु अधिकतम दो लूम एवं कार्यशाला निर्माण हेतु सहायता प्रदान की जा रही है जिसमें बुनकरों से लूम की कीमत का न्यूनतम 20 प्रतिशत बुनकर अंश प्राप्त कर उन्हे 80 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
बुनकर बहबूदी फण्ड से एकत्रित ब्याज की धनराशि से गरीब हथकरघा बुनकरों की पुत्रियों के विवाह के लिए प्रति बुनकर 30,000 आर्थिक सहयोग देने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 87 हजार पावरलूम बुनकरों को विद्युत दर में छूट दिये जाने हेतु अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिये इस वित्तीय वर्श में लगभग 3.5 अरब का वित्तीय प्राविधान किया गया है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद, आयुक्त निदेशक राजेश कुमार विशेष सचिव शेषमणि पांडे उपस्थित रहे।
