UP-ATS को मिली बड़ी कामयाबी, घुसपैठ व मानव तस्करी में शामिल एक और आरोपी गिरफ्तार
अमृत विचार लखनऊ। यूपी एटीएस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एटीएस की टीम ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो लोंगों को भारत में अवैध तरह से घुसपैठ कराने और मानव तस्करी में लिप्त था। अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में एक सिंडिकेट पकड़ा गया था उसी गैंग मे इस आरोपी का भी नाम शामिल था। इसलिए इसकी काफी दिनों से तलाश की जा रही थी। एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि विवेचना के क्रम में साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त मोहम्मद अब्दुल अव्वल उपरोक्त को निजामुद्दीन को रेलवे स्टेशन नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया ।
गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया है कि वह दिल्ली के श्रम विहार में रहता है। जहाँ किराये की दुकान में फीनो बैंक की मर्चेंट आईडी लेकर बैंक खातें खोलने व मनी ट्रांसफर का कार्य करता है । आरोपी मूल रूप से असम राज्य के बन्नागुरी, पोस्ट जलेश्वर, थाना लखीपुर, जनपद गोलपारा का रहने वाला है। उम्र करीब 37 वर्ष है।
पहलचान छुपाकर बना देते थे भारतीय दस्तावेज
अधिकारियों ने बताया कि एटीएस को सूचना प्राप्त हो रही थी कि कुछ व्यक्तियों द्वारा एक सिंडिकेट बनाया गया है, जो अवैध घुसपैठियों को उनकी पहचान छिपाकर, फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर भारत में आवासित कराता है व उनको आर्थिक सहयोग कर, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है । इस सूचना को एटीएस उत्तर प्रदेश द्वारा भौतिक एवं इलैक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से विकसित किया गया ।
अभी तक अदिलुर रहमान असरफी पुत्र हबीबुल रहमान असरफी निवासी मीरपुर, ढाका, बांग्लादेश, अबु हुरैरा गाजी पुत्र अब्दुल्ला गाजी निवासी कालूताला, रामेश्वरपुर, हसनाबाद पश्चिम बंगाल, शेख नजीबुल हक पुत्र शेख अब्दुल कादिर, तानिया मंडल पुत्री खालिक मंडल मूल निवासी पिरोजपुर बांग्लादेश और पांचवा आरोपी इब्राहिम खान पुत्र मन्नान खान जो कि मूल निवासी बांग्लादेश का है।
खाता खोलकर आनलाइन जुटाते थे राशि
एटीएस को पूछताछ में पता चला है कि कोरोना काल में अभियुक्त अव्वल की मुलाकात डॉ. अब्दुल गफ्फार नाम के व्यक्ति से दिल्ली में हुई । मुलाकात के दौरान डॉ. गफ्फार व उसके सहयोगियों द्वारा बताया गया कि यदि अभियुक्त फीनो बैंक में रोहिंग्याओं, बांग्लादेशियों, झुग्गी.झोपड़ी में रहने वाले मुस्लिमों के नाम पर खाते खोल ले तो खोले गये खातों में डॉ. गफ्फार अपनी खाते में आने वाले विदेशी धन को इन खातों में ट्रांसफर कर देगा । ट्रांसफर की गयी धनराशि को नगद के रूप में आहरित कर उस धन को अपने फायदे के लिए उपभोग कर सकते हैं और कुछ धनराशि से अवैध घुसपैठियों की आर्थिक सहायता भी की जा सकती है।
इस लालच में अभियुक्तों ने अलग-अलग नामों पर फीनो बैंक में अनेक ऑनलाइन खाते खोले गये और उन खातों में डॉ. गफ्फार की अपने खाते से छोटी.छोटी धनराशि को अभियुक्त द्वारा खोले गये बैंक खातों में सैकड़ों बार ट्रांसफर किया गया । अभियुक्त द्वारा ट्रांसफर उस धनराशि को नगद में आहरित करा लिया जाता था और डॉ. अब्दुल गफ्फार एवं अभियुक्त के बीच में आधा.आधा हिस्सा बांट लिया जाता था ।
