मुरादाबाद: ...महानगर में जहां दिखे सड़क वहां जाम लिख दो
स्मार्ट सिटी के संकल्प में बड़ा विषय है सुगम यातायात प्रबंधन
आशुतोष मिश्र, मुरादाबाद, अमृत विचार। पांच साल से महानगर को स्मार्ट बनाने की कोशिश को जाम से ही हर दिन चुनौती मिल रही है। वैसे तो स्मार्ट यातायात प्रबंधन बड़ा विषय है, इसके लिए भारी बजटीय प्रबंध भी है। सड़क चौड़ीकरण, सिग्नल के सहारे ट्रैफिक संचालन, हर चौराहे पर यातायात पुलिस की सतर्कता और व्यवस्थित यातायात के सामने प्रश्नों का जमघट है। अतिक्रमण हटाने वालों को कतिपय सरकारी और अर्ध-सरकारी कारगुजारियां पशो-पेश में डाल रहीं हैं। यहां सड़कों से जाम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कई बार हाई-वे (स्टेशन रोड,कांठ रोड) की स्थिति देखकर आदमी बोल पड़ता है... जहां दिखे सड़क वहां जाम लिख दो।
जाम से बेहाल लोग और अधिक भार वहन करने वाली सड़कों की दुर्दशा का यह हालात- ए- हाजरा किसी फिल्मी पटकथा से भी कम नही है जहां, सरकार की सुगम यातायात की कल्पना और यातायात पुलिस की भारी-भरकम टीम मूकदर्शक जैसी नजर आ रही है। हम चर्चा कर रहे हैं मुरादाबाद- हरिद्वार हाई-वे (शहरी क्षेत्र) की। पखवारे भर से हरथला क्षेत्र में सड़क से अतिक्रमण हट रहा है। ऐसे में वाहनों का फंसना आम बात है।
महिला थाना गेट से डिप्टीगंज चौराहा तक की 400 मीटर की सड़क से पार जाना कितनी चुनौती है? यह किसी भी नागरिक से पूछ लीजिए। प्रसिद्ध शायर मंसूर उस्मानी कहते हैं कि इस सवाल पर प्रभावी कदम की जरूरत है। अगर प्रशासन के लिए सड़क चौड़ी कर पाना संभव नही हो पा रहा है तो बेहतर प्रबंधन किया ही जा सकता है। इंपीरियल तिराहा से संभल फाटक की स्थिति देखनी हो तो जिम्मेदारों को ईदगाह गेट से करूला की ओर जाने वाले रेलवे पुल पर चढ़कर क्षेत्र घूम लेना चाहिए। संभल फाटक क्षेत्र में रामपुर दिशा पुल के नीचे यातायात पुलिस ने वाहनों का घनचक्कर निर्धारित कर दिया है, यहां पुल के पश्चिमी छोर से रामपुर की ओर जाने वालों को दिन में तारे दिखने लगते हैं। संभल क्षेत्र और कोहिनूर तिराहा की ओर से आने वाले यहां अक्सर कराह उठते हैं। इस पुल पर बाइक और ऑटो तक का ही संचालन है।
यह है यातायात पुलिस का दर्द
मुरादाबाद, अमृत विचार: पीएसी तिराहा से अगवानपुर रेलवे पुल तक सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई में हरथला क्षेत्र का अतिक्रमण चर्चा में है। लोक निर्माण विभाग की जमीन पर सालों से कब्जा जमाने वाले विभाग की सख्ती के बाद अपने निर्माण हर दिन तोड़ रहे हैं लेकिन, नगर निगम के पार्षदों के आवास के नजदीक लगाए गए बोर्ड कुछ अलग ही कहानी कह रहे हैं। सप्ताह भर से हरथला क्षेत्र में अवैध निर्माण की तोड़फोड़ देखने भीड़ उमड़ रही है। आश्चर्य यह भी है कि इसी घमासान में नगर निगम की ओर से कांठ रोड की पटरियों पर कई बोर्ड स्थापित कर दिए गए। पार्षद के नाम और पता वाले बोर्ड को लेकर यातायात पुलिस और लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार भी अवाक हैं। यातायात पुलिस के एक जिम्मेदार अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इस बात को लेकर विस्तार से अपनी राय रखी। बोले, हम सुगम यातायात के लिए सड़क की पटरी खाली करा रहे हैं। ऐसे कब्जेदारों से अपील करके सड़क से अतिक्रमण हटवा रहे हैं जबकि, तहसील रोड के कोने पर, मधुबनी क्षेत्र, हरथला सब्जी मंडी गेट और विवेकानंद अस्पताल के नजदीक पार्षद के नाम के बोर्ड लगा दिए गए।
दो टीआई, 25 टीएसआई, 55 हेड कांस्टेबल और 68 जवान यातायात सुधार में जुटे हैं। इंपीरियल क्षेत्र की समस्या से परिचित हूं। संभल फाटक चौराहा के लिए कुछ दिन की मोहलत चाहिए, वहां पर एक टीएसआई स्थायी तौर पर पोस्ट किया जाएगा। -सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी (यातायात)
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