रायबरेली: समय से नहीं मिलती विसरा रिपोर्ट, न्याय के लिए महीनों करना पड़ रहा इंतजार, पढ़ें मार्मिक खबर!
रायबरेली। अक्सर रहस्यमयी मौत का कारण न केवल पुलिस बल्कि पीड़ित पक्ष के लिए उलझी गुत्थी सरीखा रहता है। मौत की वजह क्या थी इसे लेकर पीड़ित पक्ष परेशान रहता है। एक तरह से देखा जाए तो न्याय को भी असलियत का इंतजार रहता है। असल में मौत का सही कारण क्या था, ऐसी दशा में पुलिस पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रख जांच के लिए प्रयोगशाला भेजती है, जिसके बाद मृत्यु का सही कारण पता चल पाता है। लेकिन अधिकांशतः विसरा रिपोर्ट समय से न आ पाने के की वजह से मौत का स्पष्ट कराने बताने वाली विसरा रिपोर्ट का महीनों इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में कानून को विसरा रिपोर्ट और अपनों को इंसाफ दिलाने का इंतजार लम्बा हो जाता है। जिले के थानों पर दर्ज कई गंभीर घटनाओं में विसरा की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। वहीं पुलिस की तरफ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला को विसरा रिपोर्ट जल्द भेजने के लिए पत्र लिखे जाते हैं लेकिन इन पत्रों का कोई खास असर नहीं होता।
विसरा की जांच रिपोर्ट न आने के कारण जहां बड़ी संख्या में दर्ज मामलों में कार्रवाई अटकी हुई है, वहीं पीड़ित भी रिपोर्ट न आने की वजह से परेशान हैं। इसकी वजह से कई लोगो को न्याय की उम्मीद एक आस बनकर रह जाती है। गौरतलब है की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर पुलिस पोस्टमार्टम तो करा देती है लेकिन बहुत कुछ घटना में उलझा हुआ होता है ऐसे में विसरा सुरक्षित रख उसे जांच के केमिकल एग्जामिनार के पास प्रयोगशाला भेजा जाता है, वही समय से रिपोर्ट न आ पाने के कारण विवेचकों को आरोप पत्र दाखिल करने में भी समय लगता है जिससे न्याय की उम्मीद लगाये लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता है।
वहीं महत्वपूर्ण मामलों में पुलिस रूचि लेकर जल्दी जांच करा रिपोर्ट ले लेती है वही सामान्य मामलों में पुलिस भी अपनी रुचि नहीं दिखाती है। पुलिस सूत्रों कि माने तो पीड़ित द्वारा केस दर्ज कराने के बाद कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जाती है जबकि जांचों को लेकर विवेचकों का पैसा लगता है।
सैकड़ों की संख्या में विसरा रिपोर्ट पेंडिंग
जिले में महिला थाना समेत कुल 18 थाने है, जिसमें कही न कही कोई बड़ी घटनाएं हुआ करती है और उनमें मौत की सही जानकारी के लिये विसरा जांच के लिये प्रयोगशाला भेजा जाता है जिसमें बहुत अधिक समय लगता है। सलोन कोतवाली में इस वर्ष आठ विसरा भेजे गये हैं लेकिन अब तक किसी की रिपोर्ट नहीं आई है और इसके लिये रिमाइंडर भी भेजा गया है।
वहीं डलमऊ में कई विसरा की रिपोर्ट आनी है जिसमें लगभग 6 माह पूर्व पूरे जनवारन में राजरानी की मौत के मामले में पति पर पत्नी की हत्या करने का आरोप लगा था। इसी तरह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य थानों पर क्या हाल होगा।
विसरा रिपोर्ट एकत्र कराई जा रही है। वहीं प्रयोगशाला में जांच के लिए विसरा भेजा जाता है। अब वहां जैसे रिपोर्ट आती है तो उसकी हिसाब से कार्रवाई होती है। विसरा रिपोर्ट को लेकर समय-समय पत्र भी संबंधित थानों से भेजे जाते हैं।
नवीन कुमार सिंह, एएसपी
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