बाराबंकी: अयोध्या और नैमिषारण्य के बीच की धुरी बनेगा महादेवा, 10 एकड़ में काशी की ही तर्ज पर बनेगा 'महादेवा कॉरिडोर'

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आसपास के तीर्थ स्थलों के विकास की भी कार्य योजना

सतीश श्रीवास्तव, बाराबंकी। राजधानी के करीब स्थित बाराबंकी को स्टेट रीजन कैपिटल के रूप में विकसित करने में तो फिलहाल अभी समय लगेगा, लेकिन अयोध्या और नैमिषारण्य के बीच लगभग 10 एकड़ में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की ही तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर बनाने की कार्य योजना तैयार हो गई है। इसके आसपास के तीर्थ और पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने का प्लान तैयार हो चुका है।

कार्य योजना को अमली जामा पहनाने के लिए जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। महादेवा के करीब ही पारिजात धाम, कुंतेश्वर धाम, कोटवा धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्य योजना पर्यटन विभाग तैयार कर चुका है। अयोध्या मार्ग पर भवनियापुर खेवली में राम कथा संग्रहालय के लिए 10 एकड़ जमीन चयनित हो चुकी है। संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे।

जहां रामायण, कला, संस्कृति हस्तशिल्प, लोक व्यंजन, रामायण विश्व यात्रा वीथिका, राम वन गमन मार्ग, रामायण आधारित कला वीथिका, रामायण आधारित पुस्तकालय, शोध और प्रकाशन केंद्र, रामलीलाओं की प्रस्तुतियां, रामलीला प्रशिक्षण केंद्र के साथ सोवेनियर शाप्स के रूप में भी रामायण की हस्तकला का विशेष केंद्र स्थापित किया जाएगा।
महादेवा के करीब ही स्थित भगहर झील को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके लिए 4 करोड़ 38 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं।

महादेवा कॉरिडोर के विकास के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंदिर के निकट की चार बीघा सरकारी जमीन पर्यटन विभाग को स्थानांतरित करती है दो बीघा जमीन अभी और स्थानांतरित होनी है। महादेवा मठ के पास अपनी भी लगभग 5 एकड़ जमीन है। आसपास की जमीन को खरीदने के लिए पर्यटन विभाग में 3 करोड़ रुपए सुरक्षित कर लिए हैं।

फिलहाल कॉरिडोर के निर्माण पर 30 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। कॉरिडोर का मानचित्र लगभग तैयार हो चुका है। योजना के अनुसार जिला प्रशासन पहले कॉरिडोर का निर्माण सरकारी जमीन से प्रारंभ कराएगा। मठ की जमीन पर कार्य करने के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति लेने के लिए जिला प्रशासन विधिक सलाह ले रहा है।

 कॉरिडोर में प्रस्तावित कार्य

-आध्यात्मिक बाजार, पब्लिक प्लाजा, पार्किंग स्थल का निर्माण
-वेद वाटिका, बीथिका, मुख्य द्वार और मंदिर का सुंदरीकरण
-शिवार्चन तालाब व अभरन का सुंदरीकरण

प्रस्तावित परियोजनाएं

-राम कथा संग्रहालय व सांस्कृतिक केंद्र
-महादेवा कॉरिडोर
-कोटवा धाम का समग्र विकास
-पारिजात धाम का सुंदरीकरण 
-कुंतेश्वर धाम का पर्यटन विकास
-बाराबंकी सीतापुर मार्ग फोरलेन 
-अयोध्या का मुख्य द्वार

जिले के विकास के लिए कई कार्य योजना प्रस्तावित है। काशी के तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर विकसित करने की कार्य योजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है। राम कथा संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र के लिए 10 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। प्रयास है कि जिले को एक नया स्वरूप और नई पहचान मिल सके।
                                                                                                       सत्येंद्र कुमार जिलाधिकारी बाराबंकी

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