मुरादाबाद : रिंग रोड के लिए अधिग्रहण की गई भूमि का 35 प्रतिशत किसानों को नहीं मिला मुआवजा
ऑनलाइन व्यवस्था के चलते हो रही देर, किसानों ने कुछ भूमि पर उगाईं फसलें
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद से उत्तराखंड को जोड़ने वाले रिंग रोड के लिए अधिग्रहण की गई भूमि वाले 35 प्रतिशत किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। ऑनालाइन व्यवस्था के चलते मुआवजा मिलने में देर हो रही है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का दावा है कि मार्च तक पहले पैकेज के सभी किसानों को मुआवजा मिल सकेगा। इस बीच अधिग्रहण की गई भूमि पर किसानों ने फसलें भी उगा ली हैं।
एनएचएआई दिल्ली रोड से कांठ रोड और उत्तराखंड के काशीपुर को जोड़ने वाले 105 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण करा रही है। इस रोड के पहले पैकेज का निर्माण चल रहा है। रिंग रोड के लिए पहले पैकेज में पांच हजार किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई है। इनमें से 35 प्रतिशत किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। मुआवजा के लिए किसान विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि भूमि के मुआवजे की धनराशि पहले ऑफलाइन दी जा रही थी। लेकिन अब राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण निगम निदेशालय ने किसानों के बैंक खातों में मुआवजा के रुपये भेजने की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि किसान के खातों को पहले ऑनलाइन अप्रूव करने के लिए पोर्टल पर विवरण अपलोड किया जाता है।
इसके बाद खाते का वेरिफिकेशन होता है। इस प्रक्रिया में 10 से 15 दिन का समय लगाता है। इसके बाद भूमि की निर्धारित की गई मुआवजा धनराशि और खाते का विवरण निदेशालय भेजा जाता है। फिर एनएचएआई द्वारा भुगतान होता है। उन्होंने बताया कि भूमि पर फसल उगाने की जानकारी मिल रही है। इसको लेकर निरीक्षण किया है। किसानों से भूमि खाली करने के लिए कहा है। निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था को कार्य में सुस्ती के बरतने के मामले में नोटिस दिया।
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