पीलीभीत: कोटा आवंटन में धांधली का आरोप, बोले - पुलिस डराकर भगाती रही... ग्रामीणों का विरोध
पीलीभीत/पूरनपुर, अमृत विचार: जेठापुर खुर्द गांव में पुलिस बल की मौजूदगी में सरकारी राशन की दुकान (कोटा) आवंटन को लेकर खुली बैठक हुई। गांव के 338 लोगों ने अमृतपाल को कोटेदार चुना। विपक्षी रामेश्वर दयाल के पक्ष में 327 ग्रामीण खड़े हुए। कोटा चयन प्रक्रिया से असंतुष्ट कई ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से ब्लॉक पहुंचकर प्रदर्शन किया। दोबारा कोटेदार चयन की मांग की है।
बता दें कि ग्राम जेठापुर में कोटे की दुकान निरस्त चल रही थी। इससे पहले दो बार चुनाव की तिथियां घोषित हुईं। एक बार विवाद भी हो चुका है। दोबारा पुलिस फोर्स की कमी के कारण चयन प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी थी। शनिवार को पुलिस बल की उपस्थिति में खुली बैठक हुई।
प्रधान पक्ष से अमृत पाल कोटे के दावेदार थे, जबकि विपक्ष की तरफ से रामेश्वर दयाल। छिटपुट बहस और कहासुनी के बीच चुनाव प्रक्रिया पूर्ण हुई। जिसमें अमृतपाल को गांव का नया कोटेदार चुना गया है। रामेश्वर दयाल का पक्ष इससे असंतुष्ट है। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान, सचिव और अधिकारियों की सांठगांठ से चुनाव में धांधली की है।
चयन प्रक्रिया पर विरोध दर्ज कराने ब्लॉक पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने नारेबाजी की। एसडीएम को संबोधित मांग पत्र ब्लॉक में दिया गया। आरोप लगाया कि अमृपाल को दुकान आवंटित करने के लिए दूसरे पक्ष के लोगों को पुलिस द्वारा डराकर भगाया गया। प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए।
कहा कि बाहरी लोगों को बुलाकर अमृतपाल के पक्ष में बिठाया गया था। ग्रामीणों ने राशन की दुकान निरस्त कर दोबारा चयन की मांग की है। वहीं, एडीओ रोहिताश जायसवाल ने बताया कि राशन की दुकान आवंटन प्रक्रिया पुलिस-बल की मौजूदगी में हुई है। इसकी रिकॉर्डिंग भी है। कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं है। विवाद करने की कोशिश करने वाले तीन-चार लोगों को अलग बिठाया गया था।
राशन की दुकान आवंटन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हुई है। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। चयन के बाद फाइल पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों का मांग पत्र मिला है। उसका संज्ञान लेकर दिखाया जाएगा। अगर तथ्यों में कहीं भी कोई त्रुटि या शिकायत सही पाई जाती है, तो आगे की कार्यवाही की जाएगी--- अरुण कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी पूरनपुर।
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