Farrukhabad: अंतिम विदाई से पहले एक ही दिन रह सकी ससुराल, 24 नवंबर को हुआ था विवाह, जानें- पूरा मामला
फर्रुखाबाद में अंतिम विदाई से पहले एक ही दिन रह सकी ससुराल।
फर्रुखाबाद में अंतिम विदाई से पहले एक ही दिन रह सकी ससुराल। 24 नवंबर को विवाह हुआ था। पांच मार्च को होना था समारोह।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। प्रयागराज जिले की करिश्मा को मात्र एक दिन ही ससुराल का सुख मिल सका। अपनी अंतिम विदाई से पहले वह एक ही दिन यहां अपनी ससुराल में रह सकी।
प्रयागराज के थाना कौशांबी के गांव पोखराज महमदपुर निवासी तेजपाल की 19 वर्षीय पुत्री करिश्मा का विवाह क्षेत्र के गांव गुलबाज नगर निवासी अंकुर पुत्र दौलतराम से तय हुआ था। करिश्मा की मां रीता देवी के मुताबिक, 24 नवंबर को कौशांबी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी होने के बाद 5 मार्च को समारोह के बाद ही विदाई की बात पर उसके ससुरालीजनों से सहमति बनी थी।
उसकी बेटी की छह माह से तबीयत खराब थी। उसके ससुराल वालों ने उसे कायमगंज में दिखाने की बात कही। इस पर दो दिन पहले वह अपने पति व बेटी के साथ यहां आए थे। शुक्रवार को उसकी हालत और बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर सीएचसी आए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौजूद लड़के की मां अनारकली ने बताया कि उसके पुत्र की शादी कौशांबी में करिश्मा से तय हुई थी। 5 मार्च को समारोह के बाद विदाई होना तय हुआ था। पहले से ही बेटी की तबीयत खराब होने पर उन लोगो ने यहां दिखाने को कहा था।
इस पर करिश्मा के परिजन यहां आए थे। रविवार को दिखाने को कहा लेकिन रात में ही उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मामले को लेकर डॉक्टर ने कोतवाली को मेमो भेजा है। इधर मृतका के परिजन अपनी बेटी का शव लेकर प्रयागराज चले गए। लोगों का कहना है कि डोली उठने से पहले बिटिया की अर्थी उठ गई।
