पीलीभीत: नए साल में बेहतर होंगी मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं, मिले 14 विशेषज्ञ
जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक और गाइनोलॉजिस्ट समेत अन्य विभागों के मिले डॉक्टर
पीलीभीत, अमृत विचार: खट्टी मीठी यादों के बीच गुजरने वाला साल 2023 स्वास्थ्य क्षेत्र में इतनी राहत नहीं दे गया जितनी लोगों ने उम्मीद की थी। साल भर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के दावे किए गए। मगर सुधार नहीं दिखा। साल भर लोग सामान्य जांच और इलाज तक के लिए अस्पतालों के चक्कर काटते रहे।
डॉक्टरों की कमी से उन्हें परामर्श देर से मिला और दवा के लिए घंटों काउंटर पर लाइन में लगना पड़ा। हालांकि विभागीय स्तर पर सुविधा दुरुस्त होने का आश्वासन मिलता रहा। साल 2023 में प्रयास भी लोगों के लिए राहत नहीं दे सके। मगर अब नए साल में स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी परिवर्तन होने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्योंकि मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यहां 14 और नए विशेषज्ञ डॉक्टर मिले हैं। जिनके आने से चिकित्सीय सेवा में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। जिसका लाभ जनता को आसानी से मिलेगा। वहीं आगामी शैक्षिक सत्र में मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराने का दावा भी किया जा रहा है।
जनपद में दशकों से संचालित हो रहे जिला संयुक्त चिकित्सालय को उच्चीकरण करते हुए वर्ष 2020 में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिली थी। इसी क्रम में संयुक्त चिकित्सालय में संचालित हो रहे महिला और पुरुष अस्पताल को भी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया था। एक अप्रैल 2023 को एलओपी करते हुए मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिला था।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जिले वासियों को लगा था कि उन्हें अब इलाज के लिए उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मगर साल 2023 में मेडिकल कॉलेज जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। 24 लाख की आबादी वाले जिले के साथ ही आसपास के मरीज भी मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। इतने बड़े मेडिकल कॉलेज में सिर्फ सात विशेषज्ञों के सहारे इलाज देने का दम भरा जा रहा है। जबकि 14 विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है।
जिनके बिना मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं अधूरी हैं। आलम यह है कि वर्तमान में डेंगू, हड्डी और दुर्घटना में घायल गंभीर मरीजों को बरेली या लखनऊ के लिए रेफर करना पड़ रहा था। यहां तक की सर्जन भी कार्यरत नहीं था। इसको पूरी करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पूरा साल पत्राचार करने में बीत गया।
मगर डॉक्टर नहीं मिले। लेकिन नए साल 2024 में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 14 और विशेषज्ञ मिले हैं। जिन्होंने ज्वाइन किया है। इसमें जनरल मेडिसिन में डॉ. रवि राय और डॉ. गरिमा को तैनाती मिली है। इनके अलावा गाइनोलॉजिस्ट डॉ. रितु और डॉ. हिना प्रकाश आई है।
जनरल सर्जरी में डॉ. सैफी अली और डॉ. सतीश चंद्रा आए हैं। साइकेट्रिक में डॉ. आयुषी विष्ट, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जेम्स मार्क, पीडियाट्रिक में डॉ. नरेश कुमार, एनेस्थीसिया में डॉ. शिवम जोशी, आर्थोपेडिक में डॉ. निरंजन विश्वास, ईएनटी में डॉ. श्रुति सूर्या, माइक्रोबायोलॉजिस्ट में डॉ. खलिका सेठी और फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किया है।
16 करोड़ से होगी फर्नीचर और उपकरणों की खरीद
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद वहां पढ़ाई के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए क्लास में बैठने के लिए फर्नीचर और संसाधन खरीदने के लिए शासन ने 16 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। क्योंकि बिना तैयारियों के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की मान्यता नहीं मिल सकेगी।
कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी माह में टीम निरीक्षण करने के लिए आ सकती है। इसलिए तैयारियों में जुटा है। फर्नीचर खरीदने के लिए सूची बनाई जा रही है। जल्द ही फर्नीचर एकेडमिक ब्लॉक में पहुंचा दिया जाएगा। साथ ही तैयार हो रहे 200 बेड के अस्पताल को लेकर भी संसाधन खरीद जा रहे हैं। ताकि सुविधाएं मुहैया हो सके। 200 बेड का अस्पताल भी लगभग तैयार हो चुका है। इधर, एकेडमिक ब्लॉक लगभग तैयार हो चुका है। जहां शैक्षिक सत्र 2024 में शुरू कराने की उम्मीद जताई जा रही है।
नहीं शुरू हो सकी ब्लड कंपोनेट यूनिट
मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक से संबद्ध करते हुए ब्लड कंपोनेट सेपरेशन यूनिट बनाने का निर्णय लिया गया था। जिसके निर्माण के लिए 17.61 लाख का बजट भी आवंटित कर दिया गया। मगर साल 2023 पूरा होने के बाद भी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरु नहीं हो सकी है।
अफसरों की मानें तो भवन निर्माण पूरा हो चुका है,मशीनें भी आ गई है, लेकिन लाइसेंस मिलने में देरी हो रही है। इसके अलावा ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट का भी बंद पड़ी है। जिससे नए साल में शुरु कराने का प्रयास चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मरीजों को इलाज की सुविधा देने के लिए 15 नए विशेषज्ञ और मिले हैं, जो ओपीडी भी करेंगे। नए साल में मेडिकल की पढ़ाई शुरु होने की पूरी उम्मीद है। साथ ही संसाधनों को बढ़ाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सुविधाएं और बढ़ेगी--- डॉ. संजीव सक्सेना, कार्यवाहक प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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