अमृत विचार पड़ताल: रायबरेली के जिला अस्पताल में भर्ती हो तो कंबल लेकर आओ
रायबरेली अमृत विचार। जिला अस्पताल में व्यवस्था माकूल होने का दावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर रहे हैं लेकिन हाल यह है कि वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए ठंड से बचाव के लिए कंबल नहीं हैं। ऐसे में मरीज के तीमारदारों को कंबल घर से लेकर आना पड़ रहा है। सबसे सोचनीय बात यह है कि सब हो रहा है और अधिकारी इस पर नजर करने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।
बीते दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठण्ड के बाद जहां आम आदमी परेशान है, वहीं जिला अस्पताल के सरकारी कंबल मरीजों की ठंड दूर करने में नाकाफी है। आलम यह है कि मरीजों को अपने घरों से खुद सर्दी से बचने के लिए बिस्तर लाना पड़ रहा है। इन दिनों अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत सबसे ज्यादा खराब है वहीं अस्पताल प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नही दे रहा है।
इन दिनों सर्दी के चलते जिला अस्पताल में सर्दी की चपेट में आये मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। उपचार करने वाले चिकित्सक मरीज को गर्म मोटे कपड़े पहने व ओढ़ने की सलाह देते हैं जिससे सर्दी से बचा जा सके लेकिन जिला अस्पताल में इसे नजरअंदाज किया जा रहा है और जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को सर्दी से बचने के लिए एक कंबल दिया जा रहा है। यह कंबल इतना सतही है कि मरीजों की सर्दी दूर ही नहीं हो सकती है। कंबल के नाम पर खालिस मजाक किया गया है। इतनी घटिया क्वालिटी के कंबल हैं कि जिनको ओढ़ने की जगह फर्श पर बिछाना अधिक सही रहता है। इस तरह की समस्या से अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत देख सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल प्रशासन कितनी लापरवाही बरत रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि एक कंबल से ठंड दूर नहीं हो रही थी जिसके बाद उन्होंने अपने घरों से बिस्तर मंगवाएं तब जाकर उन्हें राहत मिली।
ठंड में बेडसीट तक नहीं लगाता अस्पताल प्रशासन
रायबरेली। जिला अस्पताल में अगर भर्ती होकर इलाज कराना है तो अपनी बेडसीट व ठंड से बचने का प्रबंधक करके आना पड़ेगा। यह हम नहीं बल्कि जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज के बेड़ की तस्वीर बता रही है कि अस्पताल प्रशासन कितना लापरवाह है और इस ठण्ड में मरीज के बेड पर बेड सीट तक नही लगाई। वही इतनी ठण्ड में जहां लोग अलाव, हीटर व गर्म कपड़ों के सहारे दिन गुजार रहे है वही बिस्तर पर मोटे कपड़े डाल कर सो रहे है वही अस्पताल में मरीज को बिना बेडसीट के ही छोड़ दिया गया।
वर्जन
कंबलों की कमी नहीं है जो जितना मांगेगा उसको दिया जायेगा, वहीं बेड सीट को लेकर कहाकि उनकी जानकारी में नहीं है दिखवाएंगे किसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महेन्द्र मौर्य सीएमएस रायबरेली
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