बरेली: देश कैसे बने आत्मनिर्भर, बैंक नहीं दे रहे ऋण

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान में किस तरह अधिकारी अड़ंगा लगा रहे हैं इसका खुलासा जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल की बैंक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में हुआ। बैठक में पता चला कि ऋण की 817 फाइलें बैंकों में पड़ी धूल चाट रही है। वजह पूछी तो बैंक अधिकारी कोई …

बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान में किस तरह अधिकारी अड़ंगा लगा रहे हैं इसका खुलासा जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल की बैंक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में हुआ। बैठक में पता चला कि ऋण की 817 फाइलें बैंकों में पड़ी धूल चाट रही है। वजह पूछी तो बैंक अधिकारी कोई न कोई बहाना बनाने लगे।

इस पर नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि कोई बहाना नहीं चलेगा। उन्होंने एलडीएम समेत अन्य बैंक अफसरों को चेतावनी दी कि स्वीकृत ऋण वाली फाइलें 15 अक्टूबर तक हर कीमत पर निस्तारित कर दें। मुख्यमंत्री की समीक्षा तक अगर प्रगति नहीं मिली तो कार्रवाई तय है।

बता दें कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एमवाईएसवाई) और पीएमईजीपी योजना लागू की है। बैंकों की सुस्ती की वजह से लोगों को इन योजनाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी ने उपायुक्त उद्योग से योजनाओं की प्रगति के बारे में पूछा तो बैंक अधिकारियों लापरवाही सामने आ गई। नोडल अधिकारी को बताया गया कि बेरोजगारों को रोजगार मिल सकें इसके लिए लागू एक जनपद, एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) में चयनति 364 आवेदकों की फाइल उद्योग केंद्र से ऋण देने के लिए संबंधित बैंकों में भेजी गई, लेकिन इनमें मात्र एक फाइल ही स्वीकृत हुई।

11 फाइलों को खामियां गिनाकर बैंक ने वापस कर दिया गया। 363 आवेदन बैंकों में अभी भी लंबित हैं। यहीं हाल एमवाईएसवाई योजना का है। 204 फाइलों में से बैंक ने मात्र 13 फाइल स्वीकृत कर महज 16 लाख का ऋण बांटा है। 191 फाइलें अब भी लंबित हैं। प्रधानमंत्री सृजन रोजगार योजना (पीएमईजीपी) योजना का हाल भी कुछ इसी तरह मिला।

284 लोगों को उद्योग विभाग के अफसरों ने पात्र माना। लेकिन बैकों की तरफ से मात्र 21 फाइल स्वीकृत कर करीब 62 लाख का ऋण बांटा गया। 263 फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं। बैठक में एलडीएम एमएम प्रसाद समेत कई प्रमुख बैंक के अधिकारी उपस्थित रहे। इस पर नोडल अधिकारी ने 15 अक्टूबर फाइलों को निस्तारण करने के आदेश बैंक अधिकारियों को दिए।

“नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने शासन द्वारा संचालित उद्योग केंद्र की ओडीओपी समेत तीन प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की थी। इन योजनाओं से संबंधित बैंकों में लंबित ऋण संबंधी फाइलें 15 अक्टूबर तक निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। बैंक अधिकारियों से इस संबंध में पत्राचार किया जाएगा, ताकि निर्धारित समय में फाइल निस्तारित की जा सकें।”— एमएम प्रसाद, एलडीएम

“योजनाओं से संबंधित पत्रावली को जांच के बाद बैंक भेज दिया जाता है। लेकिन अधिकांश बैंक लोन की फाइल स्वीकृत नहीं करते। पूर्व में कमिश्नर समेत अन्य बैठकों में इस बात को प्रमुखता से रखा जा चुका है। अब नोडल अधिकारी ने सख्ती दिखाई है, उम्मीद है लाभार्थियों को लोन मिल जाएगा।“–आरआर गोयल, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र

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