गोंडा : 35 हजार छात्रों का ब्योरा नहीं दे सके जिले के 361 मदरसे, रद्द होगी मान्यता
उमानाथ तिवारी/ गोंडा, अमृत विचार। जिले में संचालित 361 मदरसे अपने नामांकन फर्जीवाड़े में फंस गए है। इन स्कूलों में नामांकित करीब 35 हजार बच्चों का डाटा नहीं मिल रहा है। बार बार कहने के बावजूद यह स्कूल इन छात्र छात्राओं का ब्योरा नहीं उपलब्ध करा सके हैं। इन सभी बच्चों का डाटा यू डॉयस पोर्टल पर फीड करना था लेकिन तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद डाटा फीडिंग नहीं हो सकी। जब इन मदरसों की मान्यता पर कार्रवाई की तलवार लटक गयी है।
अल्पसंख्यक बच्चों को बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में कुल 515 मदरसों का संचालन हो रहा है। इनमें से 6 मदरसों को सरकार की तरफ से सहायता दी जा रही है। मदरसों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन से लेकर बच्चों के मध्यान्ह भोजन व डीबीटी के जरिए स्कूल यूनीफॉर्म व जूता मोजा के लिये 12 सौ रूपये की धनराशि भी दी जा रही है। जबकि 509 मदरसे अल्पसंख्यक विभाग से मान्यता लेकर स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इन मदरसों में कुल 45398 बच्चों का नामांकन है।
भारत सरकार ने इन सभी मदरसों को उनके यहां नामांकित बच्चों का डाटा यू डॉयस पोर्टल पर फीड करने का निर्देश दिया था। 31 दिसंबर तक डाटा फीडिंग का कार्य पूरा किया जाना था। इनमें से 154 मान्यता प्राप्त मदरसों ने तो डाटा फीड कर दिया लेकिन 6 एडेड मदरसों समेत 361 मदरसों ने सरकार की गाइड लाइन को दरकिनार कर बच्चों का डाटा नहीं दिया। मदरसा संचालकों की लापरवाही से 35 हजार से अधिक बच्चों का ब्योरा नहीं मिल रहा है। बच्चे इन मदरसों में नामांकित हैं या नहीं इस पर भी संशय है। इस लापरवाही से नामांकन फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ गयी है। यू डॉयस का काम देख रहे जगदीश शरण गुप्ता कहते हैं कि डाटा फीडिंग का काम सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। भारत सरकार ने स्पष्ट गाइड लाइन जारी की थी कि प्रत्येक स्कूल को यू डॉयस पोर्टल पर स्कूल,शिक्षक व स्टूडेंट प्रोफाइल तैयार कर डाटा फीड करना है लेकिन डाटा फीडिंग तो दूर 361 मदरसों ने काम ही नहीं शुरू किया। ऐसे में इस नामांकन के फर्जी होने की आशंका है। लापरवाही बरतने वाले मदरसों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन मदरसों की मान्यता रद्द करने के लिए अपनी संस्तुति रिपोर्ट अल्पसंख्यक विभाग को भेजी है।
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भारत सरकार ने सभी स्कूलों को अपने यहां नामांकित छात्र-छात्राओं का रिकॉर्ड यू डॉयस पोर्टल पर फीड करने का निर्देश दिया था, लेकिन अल्पसंख्यक विभाग की तरफ से संचालित 361 मदरसों ने 35 हजार से अधिक बच्चों का रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध कराया है। इस पर इन मदरसों की मान्यता रद्द करने के लिए संस्तुति रिपोर्ट अल्पसंख्यक विभाग को भेजी जा रही है। -प्रेमचंद यादव, बीएसए
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