रायबरेली: सर्दी ने कंपकंपाया, तापमान लुढ़ककर पहुंचा 6 डिग्री

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Edited By Amrit Vichar
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अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से रहे कम 

रायबरेली, अमृत विचार। पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पिछले तीन दिन से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। पहले घना कोहरा रहा तो वहीं अब गलन ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। हाल यह है कि धूप निकलने के बाद भी सर्दी से राहत नहीं मिल रही है।

वहीं घरों के कमरे एसी सरीखे ठंडे हो गए हैं। दिसंबर में तीसरी बार अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहे। जिस कारण रविवार को सर्दी बहुत अधिक रही। सुबह से ही गलन तेज हो गई और रात में पाला पड़ने के साथ कोहरा होने से सर्दी का तल्ख चेहरा सामने आया है। 

रविवार को सर्दी ने पिछले साल की तरह अपना असर दिखाया। पिछले साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भीषण सर्दी पड़ी थी लेकिन इस बार भी कुछ ऐसा ही है। पिछले 24 घंटे की तुलना में तापमान में 3 डिग्री की कमी देखी गई। जहां शनिवार को धूप में तेजी थी और गलन का प्रतिशत कम था तो वहीं रविवार को धूप निकलने के बाद भी गलन बहुत अधिक रही। 

इसके पीछे बताया जा रहा है कि रात में कोहरा के साथ पाला पड़ने से गलन बढ़ गई है। रविवार को अवकाश होने के कारण लोगों को राहत रही। इस कारण शहर में देर से सड़कों पर चहलपहल दिखी। सुबह के समय लोग घरों में ही रहे। पिछले तीन दिन से टहलने के लिए निकलने वाले लोग भी घर पर ही हैं। 

कोहरा का घनत्व अधिक होने से सड़क पर दृश्यता बहुत कम रहती है जिस कारण हादसे की आशंका के मद्देनजर लोग घर पर रहते हैं। प्रशासन ने इसे लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। रविवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रहा। 

हवा की रफ्तार 2.8 किमी प्रतिघंटा रही। मौसम विभाग के विशेषज्ञ अजय मिश्रा के मुताबिक साल के पहले दिन कोहरा होने के साथ सर्दी बढ़ने की संभावना है। हालांकि तापमान के बहुत अधिक नीचे गिरने की संभावना कम है। 

पूरे साल पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने बिगाड़ा मौसम 

वर्ष 2023 में पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर बना रहा। इसका नतीजा यह रहा कि 16 जनवरी तक कड़ाके की सर्दी पड़ी और उसक‍े बाद बारिश हुई जिसके चलते हवा की रफ्तार हो गई और फरवरी के दूसरे सप्ताह से गर्मी का असर दिखने लगा। मार्च में मौसम सामान्य से अधिक रहा तो अप्रैल में तो पहले सप्ताह में ही गर्मी ने रिकार्ड तोड़ दिया था। हालांकि मई में साइक्लोन सक्रिय हुआ तो मौसम पूरे माह सामान्य से कम रहा।

गर्मी मई में अन्य वर्ष की तुलना में कम पड़ी लेकिन जून में गर्मी ने जोर पकड़ना शुरू किया और फिर सामान्य सामान्य से अधिक बना रहा जिसका नतीजा यह रहा कि जुलाई में औसत से 40 फीसदी कम बारिश हुई तो अगस्त में सूखा रहा। सिंतबर में बादल बरसे लेकिन वह औसत से 70 फीसदी कम रहे। अक्टूबर और नवंबर में भी तापमान सामान्य से अधिक रहा। इन दो माह में महज 8 दिन तापमान सामान्य से कम रहा तो इसी तरह दिसंबर में 7 दिन तापमान सामान्य से कम रहा।

मौसम विभाग का कहना है कि अचानक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते रहे और साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनता रहा जिस कारण वर्ष 2023 गर्म साल माना जाएगा। प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसा हो रहा है। पहाड़ों और हिमालय की श्रेणी में तापमान कम होने की जगह औसत से बढ़ रहा है। यही कारण रहा कि अक्टूबर और नवंबर में धुंध और मिस्ट फॉग होने से आंखों का संक्रमण सामने आया था। 

पांच दिन के तापमान पर नजर 
27 दिसंबर----20.8 डिग्री----7 डिग्री
28 दिसंबर----17 डिग्री-----10 डिग्री 
29 दिसंबर----19 डिग्री----9.6 डिग्री 
30 दिसंबर----16 डिग्री----9 डिग्री 
31 दिसंबर----16 डिग्री----6 डिग्री

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