बरेली: कोरोना काल में टारगेट पूरा नहीं करने पर 35वें पायदान पर पहुंचा ‘आरटीओ’
रजनेश सक्सेना, बरेली। कोरोना काल में जहां सभी कारोबार पूरी तरह से ठप पड़े हैं वहीं, संभागीय परिवहन विभाग भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहा है। विभाग को पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक लक्ष्य दिया गया। लेकिन लक्ष्य पूरा न करने की वजह से इस बार बरेली का संभागीय परिवहन विभाग …
रजनेश सक्सेना, बरेली। कोरोना काल में जहां सभी कारोबार पूरी तरह से ठप पड़े हैं वहीं, संभागीय परिवहन विभाग भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहा है। विभाग को पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक लक्ष्य दिया गया। लेकिन लक्ष्य पूरा न करने की वजह से इस बार बरेली का संभागीय परिवहन विभाग 35वें पायदान पर पहुंच गया।
मार्च में हुए लाकडाउन के बाद जून तक लगभग सभी करोबार पूरी तरह से ठप रहे। सभी सरकारी और निजी कार्यालय भी बंद थे। वाहन खरीदने, बेचने, लाइसेंस बनवाने, टैक्स जमा करने आदि का काम भी नहीं हो पा रहा था। हालात यह हो गए कि लोगों को अपने वाहन तक सरेंडर करना पड़े। हालांकि जुलाई से लोगों के कारोबार कुछ हद तक पटरी पर लौटना शुरू हुए। लेकिन पूरी तरह से फिर भी नहीं संभल पाए।
संभागीय परिवहन विभाग को शासन से हर वर्ष की तुलना में करोड़ों का लक्ष्य बढ़कर मिला। लक्ष्य देखकर अधिकारियों के पसीने छूट गए। सोचने लगे कि जब सब कुछ बंद है तो लक्ष्य कैसे पूरा करेंगे। इसके लिए हर महीने जद्दोजहद चलती रही। मेहनत के बाद भी विभाग शासन के अनुसार अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। अंजाम यह हुआ कि बरेली संभागीय परिवहन विभाग पूरे प्रदेश में 35वें नंबर पर आकर खड़ा हो गया।
“पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लाकडाउन के महीनों में संभागीय परिवहन विभाग को शासन से लक्ष्य बढ़ाकर दिया गया था। लाकडाउन की वजह से सभी कार्यालय, कारोबार सब कुछ बंद था। ऐसे में टारगेट को पूरा होना मुश्किल था।” -आरपी सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)
