शाहजहांपुर: वाहनों का चक्का जाम, परिवार संग भटकते रहे यात्री, तिलहर में जाम की गई सड़क
बसों के दरवाजे लॉक कर हड़ताल पर गए चालक
शाहजहांपुर, अमृत विचार। चालकों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को लेकर नया कानून लाए जाने के विरोध में सोमवार को रोडवेज और डग्गामार वाहनों के चालक हड़ताल पर रहे। उन्होंने वाहन खड़े कर दिए और विरोध जताते हुए काननू को वापस लेने की मांग की। जिसके चलते हाहाकार मचा रहा और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। तमाम लोग परिवार सहित बस व अन्य वाहनों के लिए भटकते रहे, लेकिन उन्हें सवारी नहीं मिली। तिलहर में चालकों ने हाईवे पर जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान पुलिस और चालकों के बीच जमकर नोकझोक हुई। हड़ताल के दिन दिन भर यात्री हलकान रहे। ज्यादातर लोग ट्रेनों में सफर करते हुए देखे गए। सुबह से शाम तक सवारी के लिए किल्लत रही। आशंका पैदा हो गई है कि अगर यूं ही हड़ताल चलती रही तो बाजार में जरूरी सामान की किल्लत हो जाएगी। पंप पर डीजल और पेट्रोल की किल्लत हो जाएगी। हालांकि एआरएम शाहजहांपुर आरएस पांडेय ने अनुबंधित बसों के चालकों को बुलाया है। अगर बात बनी तो समस्या टल जाएगी।

चालकों से होने वाली सड़क दुर्घटना पर नए कानून के विरोध में रोडवेज के अनुबंधित बस चालकों ने हड़ताल करके, चक्का जाम कर दिया। चालकों ने केंद्र सरकार के विरोध में बस अड्डे पर प्रदर्शन करके जमकर नारेबाजी की। चालकों में इस अध्यादेश को लेकर जबरदस्त आक्रोश था। चालकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब अध्यादेश वापस नहीं लिया जाएगा, चालक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान बस अड्डे पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और यात्री इधर-उधर भटकते रहे।
स्थानीय रोडवेज डिपो में 215 चालक है, जिसमें 199 संविदा चालक और 16 निगम के चालक हे। केन्द्र सरकार अध्यादेश ला रही है कि चालकों से हो रही दुर्घटना में दस लाख रुपये जुर्माना और सात साल की सजा होगी। वर्कशाप डिपो से निगम और अनुबंधित बसें रोडवेज बस अड्डे पर भेजी गई। इस दौरान चालकों के पास दूसरे डिपो से फोन आया कि इस अध्यादेश के विरोध में चालक आज से हड़ताल रहेंगे। इस खबर को लेकर डिपो के चालक हड़ताल पर चले गए। बसों के दरवाजे लाक कर दिए।
चालकों ने बस ले जाने के लिए मना कर दिया। हड़ताल के चलते हाहाकार मच गया। यात्री सवारी के लिए इधर से उधर भटकते रहे। फर्रुखाबाद, पुवायां, गोला, सीतापुर, बरेली, बंडा स्थानों को जाने वाले यात्री सबसे ज्यादा परेशान होते हुए देखे गए।
चालकों ने सवारियों से कहा कि कोई भी बस नहीं जाएगी और चालक हड़ताल पर है। चालकों की हड़ताल को लेकर एआरएम आरएस पांडे ने चालकों से कहा कि अभी अध्यादेश लागू नहीं हुआ है। चालकों से कहा कि बस को गतव्य स्थान पर ले जाए। लेकिन चालक नहीं माने और हड़ताल रहकर बसों का चक्का जाम कर दिया। दोपहर को चालकों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन करके नारेबाजी की और सरकार इस अध्यादेश को वापस ले। चालकों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार अध्यादेश वापस नहीं लेगी चालक हड़ताल पर रहेंगे।
विरोध प्रदर्शन करने वाले संविदा चालक मुबीन, हरिओम, आरिफ, आबिद, मुबीन खां, मोहम्मद असलम, रामकुमार, विनोद कुमार आदि थे। हड़ताल के चलते तमाम लोगों को वापस जाना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को दूसरे जिले से ट्रेन से आए और फर्रुखाबाद, पुवायां, गोला, लखीमपुर, सीतापुर जाना था। लोग परिवार के साथ सामान लेकर बस अड्डे पर इधर-उधर घुमते रहे। इस दौरान यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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