Fatehpur News: कुत्ते और बंदरों का जिले में आतंक, एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी से मरीज बेहाल...
फतेहपुर के जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी से मरीज बेहाल हैं।
फतेहपुर में इन दिनों कुत्ते और बंदरों का जिले में आतंक फैला है। जिले के सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों की संख्या आम दिनों के मुकाबले दोगुनी हो गई है।
फतेहपुर, अमृत विचार। जिले के सरकारी अस्पतालों में पखवारे भर से एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी आ गई है। सिर्फ सदर अस्पताल में इसकी उपलब्धता पर्याप्त है। इस कारण यहां पर आम दिनों की अपेक्षा दोगुना मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
हालत यह है कि डिस्ट्रिक्ट ड्रग वेयर हाउस का स्टॉक भी खत्म होने की कगार पर है। ऐसे में उसे रोक कर रखा गया है क्योंकि इससे अधिकतम 125 डोज ही दिए जा सकते हैं। इधर मांग के बावजूद पीएचसी को इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं जबकि सीएचसी की बात करें तो वहां पर कुछ इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
इसके बावजूद ग्रामीण मरीज मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। आम दिनों में जहां 20 से 30 के बीच एंटी रेबीज इंजेक्शन लगते हैं। यह संख्या अब बढ़कर 50 से 60 तक पहुंच रही है। ऐसे में कभी भी एंटी रेबीज इंजेक्शन का स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो सकता है।
फिलहाल यहां 40 मरीजों को इंजेक्शन लगाने का स्टॉक रोजाना दिया जाता है। इन दिनों कुत्तों और बन्दरों का आतंक बढ़ जाता है। 30 लाख की आबादी वाले जिले में एंटी रेबीज इंजेक्शन की खपत काफी ज्यादा है। हर महीने एक हजार वायल की दरकार होती है। मौजूदा समय में पीएचसी व सीएचसी को देने के लिए हर महीने एक हजार वायल की जरूरत है।
मामले में एसीएमओ डा. इस्तियाक अहमद ने बताया कि एंटी रेबीज इंजेक्शन का स्टाक फिलहाल पर्याप्त है। स्टॉक के खत्म होने पर डिमांड भेजी जाती है। सभी सीएचसी को हाल ही में इंजेक्शन भेजे गए हैं।
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