बस्ती : प्रशासन ने खंगाली डॉक्टरों की कुंडली तब थमा CDO-CMO विवाद - Video

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Edited By Amrit Vichar
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बस्ती डीएम ने शनिवार को दोनों पक्षों के साथ वार्ता कर बढ़ते विवाद पर लगाया विराम 

बस्ती, अमृत विचार। जिले में एक दूसरे को अपशब्दों से नवाजने और काम में सहयोग न करने से शुरू हुए मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी के बीच विवाद पर शनिवार को विराम लग गया। सीएमओ के पक्ष में लामबंद हो रहे डॉक्टरों की प्रशासन ने कुंडली खंगाली तो वो बैकफुट पर आ गए। इसके बाद डीएम अंद्रा वामसी ने दोनों पक्षों के साथ बैठक कर उनकी पूरी बात सुनी और मामले का पटाक्षेप करवाया। बेहद कम वक्त में एक बड़े विवाद को बढ़ने से रोकने के जिलाधिकारी के इस प्रयास की जिले भर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि डॉक्टरों के कामकाज ठप करने की स्थिति में आमजनमानस को काफी परेशानी झेलनी पड़ती। 

ये था मामला 
बीते दिनों सीडीओ सीएस जयदेव और मुख्य चिकित्साधिकारी रमाशंकर त्रिपाठी के बीच जोरदार खींचतान शुरू हुई। दरअसल जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के क्रम में बुलाई गई थी। इस बैठक के दौरान सीडीओ ने सीएमओ को सम्बोधित करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया। इससे नाराज होकर सीएमओ वहां से चले गए। उसी दिन सीएमओ के निर्देश पर जिले के सभी 14 सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने मंडलायुक्त अखिलेश सिंह से मिल कर उनसे अपनी शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग भी की। वहीँ इस घटना से आहत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एएन त्रिगुट को माइनर हार्ट अटैक भी आ गया। इसके बाद जिलेभर के डॉक्टर लामबंद होकर कामकाज ठप करने करने पर आमादा हो गए। डॉक्जिटरों को लामबंद होते देख प्रशासन ने उनकी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी। प्रशासन की जांच में जिले  डॉक्टर ऐसे पाए गए जो सरकारी सेवा के साथ निजी अस्पतालों और पैथालॉजी से मिलकर अपनी दुकानदारी चला रहे थे। जिला प्रशासन ने शनिवार को इन 29 डॉक्टरों की सूची तैयार कर डीएम सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भेजी। इसकी जानकारी होते ही डाक्टरों में खलबली मच गई और वो बैकफुट पर आने लगे। अपने खिलाफ कार्रवाई के डर से वो खुद डीएम ने मिलने पहुंचे। इसपर डीएम ने  दोनों पक्षों के साथ बैठक करके उनके बीच सुलह समझौता कराया।

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जिलाधिकारी ने समाप्त कराया विवाद 
तेज तर्रार जिलाधिकारी अंद्रा वामसी ने शनिवार को दोनों पक्षों को सामने बैठाकर वार्ता की। जिसके बाद दोनों विभाग आपसी समन्वय से कार्य करने को राजी हो गए। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 1.69 लाख आयुष्मान कार्ड बनाये जाने का काम पेंडिंग है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को एक माह का समय दिया गया है। इसमें डाटा समेत दूसरी जानकारियों की उपलब्धता जिला प्रशासन की तरफ से कराई जाएगी। डीएम ने कहा कि जिले में शासन की सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करवाने का काम किया जायेगा। सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करने में पूरी तन्मयता दिखाएंगे। 

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