पीलीभीत: 60 हजार कांस्टेबल भर्ती... स्पोर्ट्स कोटे में मिली सिर्फ दो साल की राहत, खिलाड़ियों में मायूसी
60 हजार सिपाही भर्ती के दौरान बढ़ाई गई आयु सीमा, उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा बोर्ड ने लिया चयन
पीलीभीत, अमृत विचार: खेल में अपनी प्रतिभा निखार रहे खिलाड़ी स्पोट्स कोटे से सरकारी सेवाओं की तैयारी भी कर रहे हैं। जिसको लेकर वह दिन रात मैदान में जुटे रहते हैं। मगर उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की ओर से स्पोर्ट्स कोटे से होने वाली भर्ती में खिलाड़ियों को अधिक राहत नहीं मिल सकी है। जबकि सामान्य वर्ग और अन्य वर्गो में आयु सीमा में रियायत दी गई है।
सामान्य वर्ग के अभ्यार्थियों के लिए आयु सीमा 25 कर दी गई है, जबकि खेल कोटे में आयु सीमा 24 रखी गई है। जिसको लेकर खिलाड़ियों में मायूसी है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों के साथ पुलिस भर्ती में दिए गए कोटे में नाइंसाफी की गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से इस बार 60244 हजार पदों पर सिपाहियों की भर्ती कराई जा रही है। जिसमें सामान्य वर्ग में 24102, ओबीसी के लिए 16264, एससी 12650 और एसटी के लिए 1204 पदों पर भर्ती कराई जानी है। भर्ती में तीन साल आयु सीमा में छूट दी गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में इस बार सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 25 कर दी गई है। जोकि पहले 22 साल हुआ करती थी। जबकि खेल कोटे में दो साल आयु बढ़ाई गई है। नए नियम के बाद अब खेल कोटे में आयु सीमा 22 से बढ़कर 24 साल कर दी गई है।
जहां स्पोर्ट्स कोटे में सिपाही के 372 और पीएसी के 174 पदों पर खेल कोटे से सीधी भर्ती होनी है। मगर सरकार की ओर से लागू की गई नई पॉलिसी को लेकर खिलाड़ियों में मायूसी है। उनका कहना है कि सरकार ने सामान्य वर्ग में तीन साल की रियायत दी गई है। स्पोर्ट्स कोटे में आयु सीमा में बराबर की छूट की मांग की गई।
सरकार ने सामान्य वर्ग में आयु सीमा बढ़ाई है। यह अच्छी बात है। यह होना भी जरुरी था। मगर सरकार ने खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी की है। खिलाड़ियों के लिए सिर्फ दो साल की रियात दी गई है। जबकि अन्य में तीन साल मिली है--- कुमार युवराज, खिलाड़ी।
पुलिस बोर्ड की पॉलिसी बेहतर है। इससे युवा वर्ग को लाभ मिलेगा। मगर लंबे अरसे से मैदान में मेहनत कर रहे खिलाड़ियों को नई पॉलिसी में मायूसी हाथ लगी है। खिलाड़ियों को दो साल की ही छूट मिली है। खिलाड़ियों को भी तीन साल छूट मिलनी चाहिए--- आकाश शर्मा, खिलाड़ी।
एक तरफ खिलाड़ियों को सरकार ने पुलिस भर्ती में सिर्फ दो साल की ही छूट दी है। तो वहीं यूनिवर्सिटी और नेशनल लेवल पर खेलने वाले खिलाड़ियों को जो प्रमाण पत्र मिलता है। वह भी दो साल तक ही मान्य रहता है। इसलिए प्रमाण पत्र की आयु सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए--- अंश शुक्ला, खिलाड़ी।
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