बरेली: ग्राम पंचायत में काम करने के बाद भी रोजगार सेवक को 11 साल से नहीं मिला मानदेय
डीसी मनरेगा ने बीडीओ को पत्र भेजकर सचिव पर प्रधान पर कार्रवाई के दिए निर्देश
बरेली, अमृत विचार। भोजीपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत हरवंशपुर लक्ष्मियापुर में रोजगार सेवक को 11 वर्षों से मानदेय का भुगतान नहीं करने का मामला सामने आया है। डीसी मनरेगा ने बीडीओ को पत्र भेजकर संबंधित सचिव और प्रधान की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, पिछले दिनों रोजगार सेवक मो. तहसीम ने डीएम को भुगतान न होने की जानकारी दी थी।डीएम के आदेश पर डीसी मनरेगा मो. हसीब ने मामले में जांच कराई। बीडीओ और सचिव से रिपोर्ट मांगी। डीसी मनरेगा के अनुसार, माे. तसलीम की ग्राम पंचायत में 2008 में रोजगार सेवक के तौर पर तैनाती हुई थी। उस वक्त उसकी सौतेली मां प्रधान नहीं थी। 2010 में रोजगार सेवक की सौतेली मां रुखसाना प्रधान बनीं। वह 2020 तक प्रधान रहीं। इस बीच तसलीम को कोई मानदेय नहीं दिया गया, जबकि वह काम करता रहा।
2021 में हुए चुनाव में उनकी सौतेली मां हार गईं। दूसरा पक्ष जीता। 2021 तक काम किया। इसके बाद ग्राम पंचायत ने न तो रोजगार सेवक को निकाला और न ही उससे काम लिया, जो कि नियमों के विरुद्ध है। डीसी मनरेगा ने बताया कि इस दौरान सत्यप्रकाश शर्मा, एके सक्सेना, राजीव कुमार मिश्रा ग्राम पंचायत में सचिव के रूप में तैनात रहे। बताया कि बीडीओ भोजीपुरा को पत्र भेजकर एक सप्ताह के अंदर मामले में सचिव और प्रधान पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं, साथ ही यह भी कहा है कि रोजगार सेवक पंचायत में काम करते रहेंगे।
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