बरेली: देहात में दौड़ीं तो एक लाख रुपये प्रतिदिन हुई सिटी बसों से आय
बरेली, अमृत विचार: स्मार्ट सिटी के तहत शहर में चालू हुईं सिटी (इलेक्ट्रिक) बसें घाटे में जा रही थीं। एक दिन में 25 बसों की कमाई दस हजार रुपये भी नहीं हो पा रही थी। इसके बाद बसों को धीरे-धीरे देहात के रूट पर दौड़ाया गया तो अब एक दिन की कमाई एक लाख रुपये पहुंच गई है। अभी देहात के अन्य रूटों पर बसें चलाने की मांग भी हो रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में और आय बढ़ेगी।
बरेली स्मार्ट सिटी के पिछले साल शासन ने 25 सिटी बसें दी थीं। दावा किया गया था कि लोगों को सस्ते किराए में वातानुकूलित सफर की सुविधा दी जाएगी, लेकिन शहर में अवैध ऑटो की भरमार और कोई स्टापेज नहीं होने से बसों में यात्री नहीं मिल पा रहे थे।
ऐसे में लगातार घाटा हो रहा था तो बसों को सिटी के रूटों से हटाकर देहात के रूट पर चलाना शुरू कर दिया। देहात में जब बसों को दौड़ाया गया तो यात्रियों को वातानुकूलित सेवा पसंद आने लगी। शहर में जिन सिटी बसों से प्रतिदिन 10 हजार रुपये की कमाई भी मुश्किल से हो रही थी। अब देहात में वही सिटी बसें प्रतिदिन एक लाख रुपये की कमाई कर रही है।
इन रूटों पर चल रहीं बसें
जंक्शन और सेटेलाइट से फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी, मिनी बाईपास से आंवला, मनौना धाम, मिनी बाईपास से शाही, शेरगढ़ और शीशगढ़ रूट पर सिटी बसें चल रही हैं। मौजूदा समय में सिटी रूट पर कोई बस नहीं चल रही है।
सिटी बसों में पहले यात्री नहीं मिल पा रहे थे, लेकिन अब यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। अब प्रतिदिन एक लाख रुपये की आय हो रही है--- मनीषा दीक्षित, आपरेशन मैनेजर।
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